जम्मू-कश्मीर में लगातार हो रहे सीजफायर उल्लंघन को देखते हुए रक्षा मंत्री अरुण जेटली यहां दौरा कर स्थित का जयजा लिया। इस दौरान उन्होंने कहा है कि लाइन ऑफ कंट्रोल पर लगातार सीजफायर के उल्लंघन का जवाब देने में सेना सक्षम है।
रक्षा मंत्री का पद संभालने के बाद पहली बार शनिवार को दो दिवसीय दौरे पर श्रीनगर पहुंचे जेटली ने सीजफायर के बार-बार उल्लंघन पर पाकिस्तान को चेतावनी देते हुए कहा कि भारतीय सेना इसका मुंहतोड़ जवाब देने की क्षमता रखती है।
इसलिए पाकिस्तान को अपनी हरकतों से बाज आना चाहिए। जेटली ने उच्च सैन्य अधिकारियों के साथ बैठक कर सुरक्षा का जायजा लिया। श्रीनगर पहुंचने के बाद उन्होने राजभवन में राज्यपाल एनएन वोहरा से भेंट की। जेटली के साथ सेना प्रमुख जनरल बिक्रम सिंह भी थे।
अमरनाथ यात्रा सुरक्षा का मुद्दा
राजभवन में ठहरे रक्षा मंत्री ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि वे राज्य की सुरक्षा स्थिति का जायजा लेने के लिए यहां आए हैं। इस संबंध में रियासत की सरकार से भी बातचीत करेंगे।
रक्षा मंत्री के दौरे से पहले पाकिस्तानी सेना ने जम्मू के साथ नियंत्रण रेखा में कई स्थानों पर गोलाबारी की। अमरनाथ यात्रा के पूर्व कश्मीर संभाग में बढ़ रही आतंकी घटनाओं के बीच रक्षा मंत्री का कश्मीर दौरा काफी अहम माना जा रहा है।
रविवार को उनका उत्तरी कश्मीर के साथ लगती भारत-पाक नियंत्रण रेखा की कुछ अग्रिम चौकियों का दौरा करने का कार्यक्रम है।
कश्मीर के विकास पर जेटली ने की उमर से बात
श्रीनगर पहुंचने के बाद रक्षा मंत्री अरुण जेटली ने मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के साथ एक घंटे तक घाटी की सुरक्षा व्यवस्था पर बातचीत की।
इसमें एलओसी के अलावा अमरनाथ यात्रा के लिए राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों पर विचार हुआ। इस दौरान उमर ने रियासत की कुछ विकास योजनाओं में आ रही आर्थिक समस्याओं पर भी जेटली से बातचीत की, जो वित्त मंत्री भी हैं।
राज्य सरकार की ओर से स्किल डेवलपमेंट के किए जा रहे प्रयास भी बातचीत के दौरान उठे।इससे पहले दोपहर में 16 कोर के जीओसी लेफ्टिनेंट जनरल केएच सिंह मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला से मिले। जीओसी ने उन्हें रियासत की सुरक्षा व्यवस्था की विस्तारपूर्वक जानकारी दी।