गृह मंत्री सुशील कुमार शिंदे ने माना है कि जम्मू-कश्मीर में हमेशा के लिए सेना की तैनाती नहीं की जा सकती। साथ ही उन्होंने साफ किया कि अभी वह वक्त नहीं आया है कि सेना को हटा लिया जाए। शिंदे ने कहा कि यह बात वहां के लोग भी समझते हैं। उन्होंने कहा कि सही वक्त आने पर सुरक्षा बलों की तैनाती कम की जाएगी।
नेशनल सिक्योरिटी गार्ड (एनएसजी) के स्थापना दिवस समारोह से दौरान मंगलवार को गृह मंत्री ने कहा कि राज्य में चल रही शांति के माहौल को सरकार बारीकी से देख रही है। पिछले हफ्ते की जम्मू-कश्मीर यात्रा की चर्चा करते हुए शिंदे ने कहा कि उन्होंने संवेदनशील लाल चौक का बिना सुरक्षा घेरे के औचक दौरा किया। स्थिति सामान्य है और वहां के आम लोग के मन से डर धीरे-धीरे खत्म हो रहा है।
इस मौके पर एनएसजी ने पहली बार अलग-अलग ऑपरेशन में शहीद हुए अपने जवानों और अधिकारियों के परिवारों को सम्मानित किया। गौरतलब है कि 1986 के स्वर्ण मंदिर के ऑपरेशन ब्लैक थंडर से लेकर 2008 में मुंबई के ऑपरेशन ब्लैक टॉरनेडो के बीच एनएसजी ने दर्जनों ऑपरेशन किए।
इनमें ज्यादातर पंजाब आतंकवाद और जम्मू-कश्मीर में बंधकों को छुड़ाने के दौरान किए गए ऑपरेशन हैं। इन कार्रवाइयों में इस एलीट फोर्स के 15 अधिकारी और जवान शहीद हुए हैं। इस मौके पर शिंदे ने कहा कि एनएसजी ने शहीद जवानों की परिवार वालों को सम्मानित करने की परंपरा शुरू कर सराहनीय काम किया है।