भारतीय सेना ने नियंत्रण रेखा (एलओसी) और अंतरराष्ट्रीय सीमा (आईबी) पर 105एमएम, 120एमएम और 155एमएम हॉट्जर (बोफोर्स) तोपों और टैंकों को तैनात कर दिया है।
प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) के निर्देश पर सेना ने नाभकीय बम को ढोने की काबिलियत रखने वाले ब्रम्होस, पृथ्वी और अग्नि जैसे मिसाइलों का रुख भी पाकिस्तान की ओर कर उसे फायर के लिए तैयार कर लिया है।
यह सच्चाई नहीं बल्कि कुछ लोग सोशल मीडिया के जरिए ऐसी बातों की अफवाह फैला रहे हैं। सेना और सुरक्षा एजेंसियों ने इसे कोरी बकवास करार देते हुए सिरे से नकार दिया है।
सुरक्षा एजेंसी के मुताबिक सोशल मीडिया में जिन हथियारों का जिक्र किया जा रहा है वह युद्ध के समय इस्तेमाल होता है। बोफोर्स जैसे तोपों और टैंकों को सीमा की तरफ मोड़ने के लिए प्रधानमंत्री का अगुवाई वाली सुरक्षा की कैबिनेट कमेटी (सीसीएस) की हरी झंडी की जरुरत होती है।
कई मिसाइलें हैं अमेरिका-चीन की नजर में
उच्चपदस्थ सूत्रों ने बताया कि यह तभी होता है जब सरकार दुश्मन देश के खिलाफ युद्ध का फैसला कर लेती है। पिछली बार ऐसा पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यकाल में कारगिल के दौरान हुआ था।
उसके बाद पाकिस्तानी आतंकियों के संसद पर हमले के बाद भी युद्ध जैसे हालात बने थे और सीसीएस ने सेना को सीमा पर जाने का आदेश जारी कर दिया था। लेकिन फिलहाल पाक सीमा पर ऐसे हालात नहीं बने हैं।
सूत्रों के मुताबिक ब्रम्होस, पृथ्वी और अग्नि जैसी मिसाइलों की तैयारी की बात भी हास्यास्पद है। लोगों को मालूम नहीं कि यह मिसाइलें अमेरिका और चीन जैसे देशों की सेटलाइटों की नजर में है।
सोशल मीडिया पर फर्जी भड़ास
इन मिसाइलों की हरकत होते ही भारत को विश्व बिरादरी को जवाब देना होगा। आईबी के उच्च अधिकारी ने बताया कि सीमा पर तनाव की स्थिति में देश में वॉर फ्रेंजी का एक मनोवैज्ञानिक प्रभाव होता है।
ज्यादातर लोग अपनी सेना को सीमा पर दुश्मनों के दांत खट्टे करते देखना या सुनना चाहते हैं। अब सोशल मीडिया के युग में लोग इसी के जरिए अपनी भड़ास निकाल रहे हैं। लेकिन सरकार के लिए ऐसा करना आसान नहीं होता।
पाकिस्तान को भी मालूम है कि वह भारत के साथ युद्ध का जोखिम नहीं मोल ले करता। एजेंसी के मुताबिक उन लोगों की पहचान की जा रही है जो इस तरह की भ्रांति फैला रहे हैं।