पुलिस की भूमिका निभाने में महिला और पुरुष का फर्क मायने नहीं रखता। हालांकि, आम धारणा यही है कि महिला पुलिस जैसी मुश्किल जिम्मेदारियों को बखूबी नहीं निभा सकतीं। लेकिन मुझे आईपीएस इम्तिहान पास कर 35 साल तक काम करते हुए सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) के शीर्ष पद तक पहुंचने में कोई खास दिक्कत नहीं हुई।
यह कहना है किसी अर्धसैनिक बल की पहली महानिदेशक बनी अर्चना रामसुंदरम का। अमर उजाला से बातचीत में रामसुंदरम ने कहा कि वह मूल रूप से उत्तर प्रदेश की बलिया की रहने वाली हैं।
उनके पिता जयपुर में न्यायिक सेवा में कार्यरत थे। अर्चना के मुताबिक अगर वह एक साधारण परिवार से उठकर पुलिस के शीर्ष पद तक पहुंच सकती हैं तो कोई भी लड़की यह काम कर सकती है।