अदालत ने कोयला ब्लॉक आवंटन घोटाले से जुड़े एक मामले में पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को बतौर गवाह पेश होने का निर्देश देने से इनकार कर दिया।
झारखंड इस्पात प्राइवेट लिमिटेड (जेआईपीएल) के निदेशक आरएस रूंगटा ने आवेदन दायर कर यह आग्रह किया था। अदालत इससे पहले उनके पूर्व कोयला राज्य मंत्री दसारी नारायण राव को भी गवाह के रूप में तलब करने संबंधी आवेदन को खारिज कर चुकी है।
पटियाला हाउस स्थित विशेष सीबीआई न्यायाधीश भरत पाराशर ने अपने आदेश में कहा कि इसमें कोई संदेह नहीं है कि हर आरोपी को अपने बचाव के लिए पसंद का गवाह व सबूत पेश करने का अधिकार है। अदालत ने कहा कि इस अधिकार का प्रयोग सुनवाई में देरी के लिए नहीं किया जा सकता।