गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे ने एंटी रेप बिल को लोकसभा में पेश कर दिया है। अब इस विधेयक पर सदन में मतदान होना है।
भाजपा ने कहा है कि वह मतदान के दौरान एंटी रेप बिल का समर्थन करेगी। भाजपा नेता गोपीनाथ मुंडे ने कहा कि पार्टी ने संसदीय दल की बैठक में इस विधेयक को समर्थन करने का फैसला किया है।
वहीं केंद्रीय कानून मंत्री अश्विनी कुमार ने उम्मीद जताई कि 22 मार्च से पहले ही यह विधेयक कानूनी रूप ले लेगा।
इससे पहले विपक्ष के दबाव के चलते सरकार को सहमति से सेक्स की उम्र घटाकर 16 साल करने का इरादा छोड़ना पड़ा है। यह उम्र सीमा अब 18 साल ही रहेगी।
अपराध कानून विधेयक 2013 के प्रावधानों पर सर्वदलीय बैठक में उठाए गए ऐतराजों के बाद प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल की सोमवार शाम हुई बैठक में इन बदलावों को मंजूरी दी गई थी।
क्या किए बदलाव
:- सहमति से सेक्स की उम्र 16 नहीं, अब 18 साल ही रहेगी।
:- 18 साल से कम उम्र में मर्जी से किए गए पहली बार सेक्स के मामले में चेतावनी देने और दूसरी बार ऐसा करने पर पर बलात्कार का मुकदमा चलाने का प्रावधान।
:- पीछा करने या ताकझांक करना पहली बार जमानती अपराध होगा। लेकिन बार-बार ऐसा अपराध करने वालों को जमानत नहीं और उनके लिए कड़ी सजा का प्रावधान।
:- ऐसे मामलों खुद को बेगुनाह साबित करने की पूरी जिम्मेदारी आरोपी की ही नहीं होगी, बल्कि महिला को भी अपने आरोप साबित करने होंगे।
:- दुरुपयोग रोकने के लिए पीछा करने को परिभाषित किया, यह बार-बार पीछा करने पर ही अपराध माना जाएगा।
:- घर या निजी जगह पर भी महिला के कपड़े फाड़ना अब अपराध होगा, पहले यह प्रावधान केवल सार्वजनिक जगहों के लिए किया गया था।