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कुडनकुलम विरोधियों ने बंदरगाह को घेरा

Sat, 22 Sep 2012 08:16 PM IST
तोतीकोरन/एजेंसी
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कुडनकुलम परमाणु संयंत्र में यूरेनियम भरे जाने के खिलाफ चल रहे अपने विरोध को नया रंग देते हुए शनिवार को करीब 500 नावों में सवार प्रदर्शनकारियों ने एक बंदरगाह की घेराबंदी कर ली।
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बंदरगाह के अधिकारियों ने बताया कि तिरुनेलवेली जिले में कुडनकुलम से करीब 100 किमी दूर तूतीकोरिन के 3000 मछुआरों और परमाणु संयंत्र विरोधी कार्यकर्ताओं ने बंदरगाह के एंट्री को करीब दो घंटे तक ब्लॉक रखा। हालांकि अधिकारियों ने कहा कि प्रदर्शनकारियों ने किसी जहाज के आवागमन में कोई बाधा नहीं उत्पन्न की। उन्होंने कहा कि शुक्रवार रात को हमने खुद जल्दी में लोडिंग और अनलोडिंग के काम किए।

दो घंटे तक चले प्रदर्शन के बाद केवल पायलटिंग ऑपरेशन नहीं हो सके। कोस्ट गार्ड, केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) और समुद्री पुलिस कर्मियों ने प्रदर्शनकारियों के दो घंटे तक चले प्रदर्शन पर नजर बनाए रखी। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने संयंत्र में यूरेनियम भरे जाने के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इसके अलावा परमाणु संयंत्र विरोधी कार्यकर्ताओं ने तोतीकोरिन कस्बे में मानव श्रृंखला बनाई। वहीं दूसरी पीपुल्स मूवमेंट अगेंस्ट न्यूक्लियर एनर्जी के नेताओं एसपी उदय कुमार समेत अन्य के खिलाफ जारी गैर जमानती वारंट के विरोध में लोगों ने कुथूकूजी में जल सत्याग्रह भी किया।
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प्रदर्शन के पीछे अमेरिका का हाथ
विश्व हिंदू परिषद (विहिप) ने आरोप लगाया है कि देश में कुडनकुलम परमाणु संयंत्र का विरोध कर लोगों के पीछे अमेरिका का हाथ है। संगठन के वरिष्ठ नेता अशोक सिंघल ने कहा कि अमेरिका ऐसे प्रदर्शनों के लिए एनजीओ और चर्चों के जरिए उकसाने का काम कर रहा है।

उन्होंने आरोप लगाया कि चार हजार एनजीओ और चर्च प्रदर्शनों में शामिल हैं और राज्य तथा केंद्र सरकार को इन लोगों को दृढ़ता से रोकना चाहिए। शंकर मठ की यात्रा के दौरान सिंघल ने आरोप लगाया कि कुडनकुलम के खिलाफ कई जगहों पर प्रदर्शनों के जरिए चर्च अपना विस्तार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदर्शनकारियों को उकसाकर अमेरिका नहीं चाहता है कि भारत अपने थोरियम संसाधनों को अगले चरण तक ले जाए।
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