भूमि अधिग्रहण कानून में संशोधन के विरोध में वरिष्ठ गांधीवादी नेता अन्ना हजारे अपने सहयोगियों के साथ 25 मार्च से पदयात्रा शुरू करेंगे।
यह पदयात्रा महाराष्ट्र में वर्धा स्थित सेवाग्राम से दिल्ली तक होगी और लगभग 1100 किलोमीटर का सफ़र तय करने के बाद 27 अप्रैल को दिल्ली के राजघाट पहुंचेगी।
वर्धा के बापू कुटीर में पदयात्रा कार्यक्रम की रूपरेखा तैयार करने के लिए सोमवार को अन्ना ने मेधा पाटकर, राजेंद्र सिंह, राजगोपाल, विश्वंभर चौधरी और अन्य सामाजिक कार्यकर्ताओं के साथ बैठक की।
बताया गया कि आम आदमी पार्टी के नेता योगेंद्र यादव अलग से अन्ना हजारे से मिलेंगे। घोषित कार्यक्रम के अनुसार, अन्ना 23 मार्च को पंजाब में शहीद भगत सिंह के गांव जाकर उनके स्मृतिस्थल का दर्शन करेंगे। वहां से वर्धा पहुंचकर वे अपनी पदयात्रा शुरू करेंगे।
अन्ना ने कहा कि इस पदयात्रा के दौरान वे भूमि अधिग्रहण कानून पर किसानों को जागृत करेंगे। वर्धा से दिल्ली तक की पदयात्रा प्रमुख रूप से भाजपा शासित राज्यों महाराष्ट्र, गुजरात, मध्यप्रदेश, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, हरियाणा आदि राज्यों से गुजरेगी।
अन्ना के अनुसार, नरेंद्र मोदी सरकार का संशोधित भूमि अधिग्रहण विधेयक किसानों के हित में नहीं है। अन्ना ने अपने सहयोगियों को चेताते हुए कहा कि आंदोलन के दौरान उन्हें एक सुर में ही बोलना होगा।
अन्ना ने कहा कि जो भी अलग सुर में बात करेगा, उसे मंच पर स्थान नहीं मिलेगा और पदयात्रा के दौरान यदि हिंसा हुई तो इसे स्थगित कर दिया जाएगा।