इंडिया अगेंस्ट करप्शन के यूपी प्रभारी व टीम अन्ना के सदस्य संजय सिंह ने यहां एक बैठक में स्पष्ट कर दिया कि अन्ना आंदोलन करेंगे और केजरीवाल राजनीति। हालांकि, अन्ना राजनैतिक दल बनाने के पक्ष में नहीं हैं लेकिन टीम अन्ना का मानना है कि देश को राजनीतिक विकल्प चाहिये। जनता की भी यही इच्छा है। यही वजह है अरविंद केजरीवाल की अगुवाई में टीम अन्ना ने पार्टी गठित करने का मन बना लिया है। केजरीवाल की इस पार्टी की घोषणा 2 अक्टूबर को नई दिल्ली में हो सकती है। नवंबर में एक विशाल रैली होगी, जिसमें 28 प्रदेश की राजधानियों में मशाल भेजी जाएगी।
टीम अन्ना ने अपनी पार्टी के लिये देश भर में जमीन तैयार करने का काम शुरू कर दिया है। इसी के तहत कानपुर आये संजय सिंह ने बेनाझाबर स्थित एक कोचिंग सेंटर में इंडिया अगेंस्ट करप्शन के वालेंटियर्स के साथ बैठक कर उनकी तमाम शंकाओं पर चर्चा की। संजय सिंह ने कहा कि आंदोलन की शुरुआत में टीम अन्ना ने पूरे देश के लोगों से राय मांगी थी। साढ़े सात लाख लोगों के सर्वे में 76 प्रतिशत टीम अन्ना के राजनीति में आने के पक्ष में हैं। इसके बाद इस मुद्दे पर टीम अन्ना की एक बैठक हुई, जिसमें 35 लोगों ने कहा कि पार्टी बननी चाहिये। आठ लोग इसके पक्ष में नहीं थे तो दो लोगों का मानना यह था कि भाजपा भ्रष्टाचार और जनलोकपाल सहित हमारे अन्य मुद्दों पर साथ दे तो हमें उनके साथ ही जाना चाहिये। हालांकि, टीम अन्ना की कोर कमेटी भाजपा, कांग्रेस, लेफ्ट, राइट सभी राजनैतिक दलों को भ्रष्ट मानती है।
संजय सिंह ने कहा अन्ना अभी कोई निर्णय नहीं ले पा रहे हैं। उनके मन में कुछ सवाल हैं। सवाल क्या हैं, इस बाबत उनसे बातचीत नहीं हो पा रही है। संजय सिंह ने साफ कहा कि हम उन राजनैतिक दलों के साथ समझौता नहीं कर सकते जो जनलोकपाल आंदोलन में हमारे साथ ईमानदारी से खड़े नहीं हो रहे। बकौल संजय, 'जब इस बाबत अन्ना से बातचीत हुई तो उन्होंने कहा आप अपने रास्ते पर आगे बढ़िये। हम आंदोलन के रास्ते पर आगे बढ़ेंगे। उन्होंने इंडिया अगेंस्ट करप्शन के वालंटियर्स से राजनीतिक लड़ाई के लिये तैयार रहने को कहा है।'