सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे ने कहा है कि कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी भ्रष्टाचार के खात्मे की बातें तो करती हैं, लेकिन वह इसके लिए कोई कदम नहीं उठा रही हैं।
अन्ना ने आगामी 10 दिसंबर से शुरू होने वाले अपने आमरण अनशन से पहले सोनिया गांधी को पत्र लिखकर संसद के शीतकालीन सत्र में लोकपाल विधेयक पारित कराने की मांग की है।
पत्र में अन्ना ने लिखा कि सोनिया गांधी ने भ्रष्टाचार को खत्म करने का विचार तो प्रकट किया, लेकिन इस दिशा में उन्होंने कोई कदम नहीं उठाया।
उन्होंने कहा, ‘भ्रष्टाचार के संबंध में अपने विचार प्रकट करना एक बात है और इसके उन्मूलन के लिए वास्तव में कुछ करना एकदम अलग बात है। आपकी पार्टी 71 सांसदों के साथ राज्यसभा में बहुमत में है। इसके बावजूद लोकपाल विधेयक पिछले एक वर्ष से अब तक पेश नहीं किया गया।’
अन्ना ने कहा कि सोनिया गांधी की पार्टी कई वर्षों से सत्ता में है, लेकिन उसने लोकपाल विधेयक पारित कराना, ग्राम सभाओं को सशक्त बनाना, खारिज करने का अधिकार और वापस बुलाने के अधिकार जैसे कानून लागू कराने में कोई रुचि नहीं दिखाई। उन्होंने कहा, ‘अगर आप की सरकार कड़े कानून लागू नहीं करती है तो आप भ्रष्टाचार के खात्मे की उम्मीद कैसे कर सकते हैं।’