उद्योगपति कुमार मंगलम बिड़ला पर कोयला घोटाले में केस दर्ज होने से राजनीतिक गलियारों में भी खलबली मच गई है। अब वाणिज्य व उद्योग मंत्री आनंद शर्मा और कॉरपोरेट मामलों के मंत्री सचिन पायलट बिड़ला के समर्थन में बोलते दिखाई दे रहे हैं।
शर्मा और पायलट ने सीबीआई के इस कदम को उद्योग जगत के लिए निराशाजनक और निवेश प्रभावित करने वाला बताया है।
इस मामले से नाराज उद्यागेपतियों ने आनंद शर्मा से मुलाकात भी की। बाद में शर्मा ने बिड़ला की तारीफ करते हुए कहा कि सरकारी एजेंसियों को खौफ और सनसनी का माहौल नहीं बनाना चाहिए।
आनंद शर्मा ने एक सामाचार पत्र से कहा कि उद्योग जगत के प्रमुख लोगों ने उनसे मुलाकात की और अपना विरोध जताया। उनका कहना था कि इस तरह के माहौल में काम करना नामुमकिन है। शर्मा ने कहा कि उनका फर्ज बनता है कि वह उनकी चिंताओं पर संज्ञान लें।
वाणिज्य मंत्री ने कहा कि 2जी घोटाले से शुरू हुए सरकारी कदमों के विरोध से पॉलिसी पैरालाइसिस का संदेश गया है और निवेशकों के भरोसे को धक्का लगा है।
उन्होंने कहा कि वह वर्तमान मामले की बारिकियों में नहीं जाएंगे लेकिन सीएजी, कोर्ट और अन्य एजेंसियों को सनसनीखेज माहौल नहीं बनाना चाहिए। ऐसा चलता रहा तो हर दस्तखत पर संदेह होगा।
आगे कहा है कि उनका बयान किसी खास मामले के लिए नहीं है लेकिन रतन टाटा, मुकेश अंबानी, आनंद महिंद्रा और के एम बिड़ला भारतीय उद्योगजगत की प्रतिष्ठित हस्तियां हैं जिनका वैश्विक स्तर पर सम्मान है। हम उनका योगदान स्वीकार करते हैं।
पायलट ने भी चेताया
कॉरपोरेट मामलों के मंत्री सचिन पायलट ने इस तरह के कदमों से पड़ने वाले प्रभावों को लेकर आगाह किया।
उन्होंने कहा कि कानून से ऊपर कोई नहीं है लेकिन यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए की ऐसी कार्रवाइयां वास्तविक तथ्यों पर आधारित हों और डर व अनिश्चितता का माहौल न बनाएं।
पायलट ने कहा कि हाल की घटनाओं से अवश्य ही देसी और विदेशी दोनों स्तर पर कारोबारी विश्वास और निवेश भावना में कमी आएगी।
उद्योग जगत भी विरोध मेंआया
शर्मा के अलावा उद्योग जगत के जानेमाने नामों एचडीएफसी प्रमुख दीपक पारेख और बायोकॉन प्रमुख किरण मजूमदार ने सीबीआई की इस कार्रवाई की अलोचना की।
पारेख ने कहा कि बिड़ला जैसे स्पष्टवादी लोग को भारतीय अभियोजन प्रणाली से प्रताड़ित किया जा रहा है जबकि बड़े धोखेबाज आजाद हैं।
सीबीआई ने मंगलवार को मशहूर उद्योगपति आदित्य बिड़ला ग्रुप के (एबीजी) के चेयरमैन कुमार मंगलम बिड़ला और उनकी कंपनी हिंडाल्को इंडस्ट्रीज लिमिटेड के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी। एफआईआर में पूर्व कोयला सचिव पीसी पारिख और कोयला मंत्रालय के कुछ अनाम अधिकारियों को भी आरोपी बनाया गया है।
एफआईआर के मुताबिक इन दोनों की मिलीभगत से सिर्फ सार्वजनिक उपक्रम की कंपनियों (पीएसयू) को दिए जाने वाले तालावीरा-2 कोयला ब्लॉक को निजी कंपनी हिंडाल्को को अनुचित रूप से आवंटित किया गया।