आने वाले दिनों में बेरोजगारों को मुख्यमंत्री रोजगार योजना के अंतर्गत 20 लाख रुपये तक के प्रोजेक्ट हासिल करने का मौका मिल सकता है। खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड ने इस योजना के अंतर्गत प्रोजेक्ट की मौजूदा अधिकतम सीमा 10 लाख से बढ़ाकर 20 लाख रुपये करने का प्रस्ताव शासन को भेजा है।
स्वरोजगार शुरू करने के इच्छुक बेरोजगारों के लिए मुख्यमंत्री रोजगार योजना बड़ी उम्मीद की किरण मानी जाती है। इस योजना का आकर्षण ये है कि इसमें सामान्य पुरुषों को छोड़कर अनुसूचित जाति, जनजाति, अल्पसंख्यक, अन्य पिछड़ा वर्ग और हर वर्ग की महिलाओं को बिना ब्याज के प्रोजेक्ट की पूंजी उपलब्ध कराई जाती है। इस समय बेरोजगार युवक व युवतियां अधिकतम 10 लाख रुपये का प्रोजेक्ट पा सकती हैं। सामान्य वर्ग के पुरुषों को फिलहाल चार प्रतिशत ब्याज पर यह मदद उपलब्ध कराई जाती है।
बोर्ड के अधिकारियों ने यहां बताया कि महंगाई की वजह से हर तरह के प्रोजेक्ट की लागत लगातार बढ़ती जा रही है। आवेदकों की ओर से इस तरह की लगातार शिकायतें आ रही थीं। वे इसकी सीमा बढ़ाने की मांग कर रहे थे। ऐसे में बोर्ड ने पूरी स्थितियों पर विचार के बाद प्रोजेक्ट की अधिकतम सीमा 10 लाख से बढ़ाकर 20 लाख रुपये करने का प्रस्ताव शासन को भेज दिया है। शासन से मंजूरी मिलने के बाद बेरोजगारों को इसका फायदा मिलेगा।
दो लाख से शुरू हुई थी योजना
बेरोजगारों को स्वरोजगार शुरू करने के लिए यह योजना 1994-95 में दो लाख रुपये की सीमा से शुरू की गई थी। बाद में यह पांच लाख और 10 लाख की गई। अब एक बार फिर इसमें वृद्धि का प्रस्ताव किया गया है।