भाजपा अध्यक्ष अमित शाह की नई टीम के ऐलान के साथ ही पार्टी में विरोध के स्वर उठने लगे हैं। इसकी शुरुआत लगातार चौथी बार अनुसूचित जनजाति मोर्चा का अध्यक्ष बनाए गए फग्गन सिंह कुलस्ते ने की है। 5 बार से सांसद कुलस्ते ने नई जिम्मेदारी संभालने से इनकार कर दिया है।
उनका कहना है कि पार्टी या तो उन्हें पदोन्नति दे या फिर वह बतौर सांसद ही ठीक हैं। इस दौरान वह यह भी याद दिलाने से नहीं चूके कि वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ महासचिव पद की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं।
उन्होंने अपनी नाराजगी को बगावत मानने से इनकार करते हुए कहा कि यह उनकी नहीं उनके क्षेत्र और उनसे जुड़े लोगों की भावना है। नई टीम के गठन के बाद से पार्टी में कई अन्य नेता भी नाराज बताए जा रहे हैं। मगर फिलहाल किसी ने इस मामले में सार्वजनिक रूप से नाराजगी नहीं जताई है।