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शाह की टीम में होंगे फायर ब्रांड नेता

Sat, 26 Jul 2014 01:57 PM IST
हिमांशु मिश्र/अमर उजाला, नई दिल्ली
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हाल ही में भाजपा की कमान संभालने वाले अमित शाह की नई टीम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की छाप साफ महसूस की जा सकेगी।
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टीम में न केवल संघ से भाजपा में आए नेताओं को खास तवज्जो दी जाएगी, बल्कि संघ की सलाह के अनुरूप ही पार्टी सरकार के बाद अब संगठन में भी बुजुर्ग नेताओं से दूरी बरतेगी।

खासतौर से हाल ही में संघ से भाजपा में शामिल हुए राम माधव को संगठन और सरकार के बीच जहां समन्वय का जिम्मा सौंपा जाएगा, वहीं वर्तमान सह संगठन मंत्री वी सतीश को पार्टी का नया संगठन महासचिव बनाने की चर्चा है।
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टीम में दिखेगी संघ की छाप

शाह अपनी नई टीम में फायर ब्रांड युवा नेताओं के साथ पूर्वोत्तर को भी खास तरजीह देंगे।

टीम में वरुण गांधी, अनुराग सिंह ठाकुर और तापिर गाव को अहमियत मिलने का संकेत दिया जा रहा है। चूंकि संगठन में शामिल कुछ नेताओं को मंत्रिमंडल में भी जगह मिलने के आसार हैं, इसलिए नई टीम पर पूरी चर्चा अभी नहीं हो पाई है।

वर्तमान महासचिव जेपी नड्डा और राजीव प्रताप रूडी में से एक को सरकार में शामिल किया जाना है। माना जा रहा है कि शाह अपनी नई टीम की घोषणा 9 अगस्त को बुलाई गई राष्ट्रीय परिषद की बैठक के बाद करेंगे।

संघ ले रहा खास दिलचस्पी

भाजपा के केंद्र की सत्ता में काबिज होने के बाद संघ पार्टी संगठन के गठन में खासतौर पर दिलचस्पी ले रहा है।

उसकी कोशिश न केवल संघ से भाजपा में गए नेताओं को अहम जिम्मेदारी देने की है, बल्कि ऐसे नेताओं को भी अहमियत दिलाने की है जिनकी संघ के प्रति अटूट आस्था है।

संघ नहीं चाहता कि पूर्ववर्ती एनडीए सरकार की तरह ही नई सरकार भी अपनी मूल विचारधारा को बिल्कुल किनारे रख दे।

सूत्रों के मुताबिक इस रणनीति के तहत ही संघ ने राम माधव को संगठन और सरकार के बीच समन्वय की जिम्मेदारी देने, संघ से नजदीकी संबंध वाले ओपी माथुर, मुरलीधर राव जैसे नेताओं को बड़ी जिम्मेदारी देने का भी सुझाव दिया है।
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संगठन में भी बुजुर्गों से किनारा

इसके अलावा संघ चाहता है कि भाजपा रामलाल की जगह सह संगठन मंत्री वी सतीश को संगठन महासचिव की जिम्मेदारी दे। जबकि हाल में ही संघ से भाजपा में आए शिवप्रकाश सौदान सिंह के साथ सह संगठन मंत्री का जिम्मा संभालें।

संघ के सुझाव पर ही नई टीम में बुजुर्ग नेताओं को संसदीय बोर्ड, कार्यकारिणी और परिषद तक ही सीमित रखने पर सहमति बनी है।

पूर्वोत्तर के तापिर गाव, अनुराग और वरुण को महासचिव बनाने का फैसला किया गया है। जबकि महाराष्ट्र सहित अन्य राज्यों के नेताओं की सूची पर मंथन का दौर जारी है।

खासतौर पर पार्टी की सर्वाधिक ताकतवर इकाई 11 सदस्यीय संसदीय बोर्ड के लिए सबसे ज्यादा माथापच्ची हो रही है। शाह के अध्यक्ष बनने के लिए बोर्ड से एक नेता की विदाई तय है। माना जा रहा है कि इस बार अनंत कुमार को बोर्ड से बाहर का रास्ता दिखाया जा सकता है।
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