भाजपा के मिशन 2017 का आगाज आज कानपुर से होगा। इस सिलसिले में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह शनिवार को शहर आ रहे हैं। वह करीब साढ़े पांच घंटे शहर में रहेंगे।
इस दौरान यूपी के आठ क्षेत्रों और इसके अंतर्गत आने वाली 90 जिला इकाइयों के महासंपर्क अभियान की समीक्षा करेंगे। साथ ही डोर टू डोर संपर्क बढ़ाने की रणनीति बनाएंगे। भाजपाइयों का मानना है कि मिशन 2014 (प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार रहे और अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहली महारैली) की तरह मिशन 2017 का सफल रोडमैप कानपुर में ही तैयार किया जा रहा है।
भाजपा के महासंपर्क अभियान की समीक्षा बैठक शनिवार को कोकाकोला चौराहा स्थित होटल कान्हा गैलेक्सी हाल में होगा। दोपहर 12 बजे समीक्षा कार्यक्रम का उद्घाटन होगा, फिर तीन चरणों में बैठक की जाएगी। समीक्षा बैठक में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह, राष्ट्रीय महामंत्री संगठन रामलाल, राष्ट्रीय महामंत्री कैलाश विजय वर्गीय, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और यूपी प्रभारी ओम माथुर सहित 22 राष्ट्रीय प्रभारी हिस्सा ले रहे हैं।
यूपी के आठ क्षेत्रों (ब्रज, काशी, कानपुर, बुंदेलखंड, पश्चिमी, अवध, बरेली, गोरखपुर) के 572 पदाधिकारियों को भी बुलाया गया है। यूपी के सभी सांसद और विधायक भी महासंपर्क अभियान की समीक्षा में रहेंगे। इन सबसे सदस्यता अभियान की जानकारी ली जाएगी। साथ ही पूछा जाएगा कि कितने सदस्यों के घर गए हैं। मिशन 2017 के लिए क्या रोडमैप तैयार किया गया है।
भाजपा के 22 राष्ट्रीय पदाधिकारी भी आ रहे
समीक्षा बैठक के दौरान भाजपा सांसदों को क्षेत्रवार महत्वपूर्ण काम दिया जाएगा। सबसे कहा जाएगा कि मोदी सरकार की उपलब्धियों को जनता तक पहुंचाएं। साथ ही विधानसभा सीट कैसे निकलेगी, इसका सामान्य समीकरण बनाकर दें।
राष्ट्रीय अध्यक्ष की मीटिंग को सफल बनाने के लिए ही यूपी प्रभारी ओम माथुर शुक्रवार की शाम ही कानपुर आ गए। उन्होंने बूथ और मंडल स्तर के पदाधिकारियों के साथ मीटिंग करके महासंपर्क अभियान की प्राथमिक समीक्षा की। इससे पता चला कि यूपी से दो करोड़ सक्रिय कार्यकर्ता बने हैं।
कानपुर से चार लाख सक्रिय कार्यकर्ता बनाए गए हैं। इससे पहले प्रदेश महामंत्री संगठन सुनील बंसल ने जिला स्तरीय पदाधिकारियों के साथ अलग-अलग चरणों में बैठक की। साथ ही यातायात सहित तमाम व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी भाजपा के स्थानीय नेताओं को दी। संगठन मंत्री ने कहा कि यह संगठनात्मक समीक्षा का प्लेटफार्म है। यहां संगठन को मजबूत बनाने पर चर्चा होगी।
इन क्षेत्रों से आएंगे पदाधिकारी- कानपुर 54, ब्रज 67, काशी 88, बुंदेलखंड 44, पश्चिमी 113, अवध 101, बरेली 34, गोरखपुर 73, राष्ट्रीय पदाधिकारी 22
‘केंद्र के बाद अब यूपी की बारी’
भाजपा के प्रदेश प्रभारी ओमप्रकाश माथुर ने कहा है कि केंद्र के बाद अब यूपी की बारी है। पार्र्टी कार्यकर्ताओं को एक बार फिर से जुटना होगा। वह शुक्रवार शाम महानगर पहुंचने पर होटल विजय विला में कार्यकर्ताओं से वार्ता कर रहे थे।
श्री माथुर यहां राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह का स्वागत करने और महासंपर्र्क अभियान की समीक्षा बैठक में शामिल होने आए हैं। उन्होंने कहा कि महासंपर्क अभियान को लेकर पूरे देश में समीक्षा बैठक चल रही है। इसी कड़ी में उत्तर प्रदेश की भी समीक्षा की जानी है।
राष्ट्रीय अध्यक्ष का आगमन इसी वजह से हो रहा है। पार्टी के प्रदेश प्रभारी बनने के बाद पहली बार कानपुर आए श्री माथुर ने कहा कि भाजपा की विश्व की सबसे बड़ी पार्टी बन गई है, अब इसे घर घर तक पहुंचाने की जरूरत है। इस काम में नए बने सदस्यों की भूमिका सबसे प्रमुख होगी।
इससे पूर्व लखनऊ से यहां पहुंचने पर जाजमऊ पुल पर उनका स्वागत किया गया। उस दौरान बारिश होने की वजह से वह अपनी कार से बाहर नहीं निकले। होटल पहुंचने पर उन्होंने सभी कार्यकर्ताओं का अभिवादन किया।
कहा कि हर कार्यकर्ता पार्टी के अनुशासन में रहकर कार्य करेगा, तो वह संगठन में आगे बढ़ेगा। स्वागत करने में विधायक सत्यदेव पचौरी, अरुण पाठक, सुरेंद्र मैथानी, समीर, अनूप अवस्थी, उपेंद्र, जगदीश तिवारी, सत्येंद्र मिश्र, दीपक सिंह सहित काफी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।
शाह की अगवानी में यजमान ही गायब
भाजपा का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद पहली बार कानपुर आ रहे अमित शाह का स्वागत करने के लिए ‘मुख्य यजमान’ यानी शहर के सांसद डॉ. मुरली मनोहर जोशी यहां मौजूद नहीं रहेंगे। इस बात को लेकर पूरे दिन भाजपाइयों में चर्चा रही।
स्थानीय सांसद होने के नाते डा. जोशी का नाम राष्ट्रीय अध्यक्ष का स्वागत करने वालों सबसे पहले रखा गया है। लेकिन, वे नहीं आ रहे हैं। पार्टी कार्यकर्ताओं को जब अपने सांसद के इस मौके नहीं आने की सूचना मिली तो वे मायूस हो गए। पार्टी की स्थानीय इकाई को जो सूचना मिली है, उसके तहत कई प्रमुख नेता जिन्हें राष्ट्रीय अध्यक्ष की शनिवार को बुलाई गई समीक्षा बैठक में शामिल होना था, नहीं आ पाएंगे।
इसमें मथुरा से सांसद हेमा मालिनी, केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी, उनके सांसद पुत्र वरुण गांधी प्रमुख हैं। केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह के आने को लेकर भी अभी संशय बना हुआ है। कुछ पदाधिकारियों का कहना है कि गृहमंत्री शनिवार को राष्ट्रीय अध्यक्ष शाह के साथ भी आ सकते हैं।
कई बड़े नेता होंगे शामिल
शहर में जितनी भी होर्डिंग लगी हैं, अधिकतर में स्थानीय पदाधिकारियों और
कार्यकर्ताओं ने अपने सांसद मुरली मनोहर जोशी के चित्र को प्राथमिकता से
लगाया है। शुक्रवार शाम तक कार्यकर्ताओं को उम्मीद थी कि डा. जोशी भी
पार्टी के इस बड़े आयोजन में शामिल होने जरूर आएंगे। लेकिन, महानगर अध्यक्ष
सुरेंद्र मैथानी ने बताया कि डा. जोशी का अभी तक कोई कार्यक्रम नहीं आया
है।
सांसद जोशी के स्थानीय कार्यालय प्रभारी ललित अधिकारी ने बताया
कि उन्होंने सांसद के आने के संबंध में दिल्ली आफिस से संपर्क किया था,
लेकिन वहां से कोई सूचना नहीं मिल पाई है। शाम करीब आठ बजे मुख्य कार्यक्रम
स्थल कान्हा गैलेक्सी में आयोजित तैयारी बैठक में एक बार फिर से
कार्यकर्ताओं ने पदाधिकारी के सामने सांसद जोशी के आने के संबंध में
जानकारी चाही, तो बताया गया कि अभी कोई सूचना नहीं है।
इन लोगों के आने की मिल चुकी है सूचना
केंद्रीय
मंत्री कलराज मिश्र, उमा भारती, संतोष गंगवार, निरंजन ज्योति, डा. राम
शंकर कठेरिया, मनोज सिंन्हा यह सभी कें द्रीय मंत्री हैं। इसी तरह
पदाधिकारियों में अरुण सिंह, शिवप्रकाश, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डा. दिनेश
शर्मा, श्रीकांत शर्मा, सुरेश राणा सांसद, डा. महेंद्र सिंह, रमेश बिधूड़ी,
सांसद राजवीर, विनय कटियार, सोम ठाकुर, सत्यपाल सिंह, महेंद्र पाण्डेय,
कैलाश विजय वर्गीय, राष्ट्रीय महामंत्री संगठन रामलाल प्रमुख हैं।