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बर्फासुर से कांप उठा ओबामा का अमेरिका

Thu, 09 Jan 2014 04:42 PM IST
अमर उजाला, नई दिल्ली
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आर्कटिक क्षेत्र से चलने वाली बर्फीली हवाओं के कारण अमेरिका में पड़ रही भीषण ठंड और बर्फबारी से मंगलवार को भी जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त रहा। पिछले कई दशकों का रिकॉर्ड तोड़ चुकी ठंड से 21 लोगों की मौत हो चुकी है।
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पूरे उत्तरी अमेरिका को अपनी चपेट में ले चुकी ठंड ने देश के पूर्वी हिस्से में भी कहर बरपाना शुरू कर दिया है। सड़क, रेल और हवाई सेवाएं बाधित हैं।

राष्ट्रीय मौसम विभाग ने बताया कि पश्चिम मध्य से दक्षिणी पूर्वी हिस्से तक तापमान सामान्य से 14 से 19 डिग्री सेल्सियस कम दर्ज किया जा रहा है। अधिकारियों ने बताया कि देश भर से आई रिपोर्टों के मुताबिक कम से कम आठ लोगों की मौत हो गई है।

तापमान पहुंचा शून्य से काफी नीचे

न्यूयार्क के सेंट्रल पार्क में मंगलवार को तापमान शून्य से 16 डिग्री सेल्सियस कम रिकॉर्ड किया गया, जो इस तारीख में सबसे कम है। दोपहर में भी तापमान शून्य से 13 डिग्री कम रिकॉर्ड किया गया। अन्य महत्वपूर्ण शहरों में शिकागो में तापमान शून्य से 15 डिग्री कम, पिट्सबर्ग में शून्य से 15 डिग्री कम दर्ज किया गया।

मरने वालों में एक 51 साल का बेघर आदमी भी शामिल है जो जार्जिया के कोलंबस में मृत पाया गया। वेस्टरपोर्ट में तूफान के कारण एक नाव डूबने से नदी के ठंडे पानी में गिरकर दो लोगों की मौत हो गई जबकि तीसरे को बचा लिया गया।

शिकागो में बर्फीले तूफान और ठंड से चार लोगों की मौत हुई है जबकि इंडियानापोलिस में एक महिला अपने घर के बाहर मृत पाई गई।

अमेरिका के साथ कनाडा में भी ठंड का कहर

अमेरिका के साथ कनाडा में भी जारी ठंड और बर्फबारी के कारण हजारों उड़ने रद्द करनी पड़ी हैं। लेकिन सोमवार के मुकाबले मंगलवार को स्थिति में जरूर कुछ सुधार हुआ। जेट ब्लू एयरवेज ने न्यूयॉर्क और बोस्टन से कुछ उड़ानें शुरू की।

सोमवार के मुकाबले मंगलवार को कम उड़ानें रद्द हुईं। डेल्टा एयरलाइंस ने बताया कि ईंधन के जम जाने से कई घरेलू उड़ानें रद्द करनी पड़। कुल मिलाकर कल 3100 उड़ानें रद्द हुईं। सोमवार को 4600 उड़ानें रद्द हुई थीं। कनाडा ने कहा है कि उसके 15 हवाई अड्डों से गुजरने वाली उड़नें आज विलंबित हो सकती हैं।

बर्फ की मोटी परत के कारण सड़कें भी बंद हैं। ठंड से बचने के लिए लोग हीटर का जिस तरह इस्तेमाल कर रहे हैं, अनुमान है कि करीब दो करोड़ लोगों को बिजली बिल का झटका लग सकता है। ठंड इतनी है कि चिड़ियाघरों में रहने वाले पोलर बीयर भी हीटर से गर्म किए गए।

अब तक 21 लोगों की जा चुकी जान

उत्तरी ध्रुव की तूफानी बर्फीली हवाओं से अमेरिका और कनाडा में हालात बिगड़ते जा रहे हैं। अमेरिका में पड़ रही कड़ाके की ठंड और बर्फबारी से लगभग सभी 50 राज्यों में तापमान फ्रीजिंग प्वाइंट से नीचे दर्ज किया गया।

उत्तरी एवं मध्य पश्चिमी हिस्से को अपनी चपेट में ले चुकी सर्द हवाओं ने देश के पूर्वी और दक्षिणी क्षेत्र को भी जद में ले लिया है। फव्वारे, झील, नल की पाइप जम गईं हैं। हर तरफ बर्फ की मोटी चादर बिछ गई है।

बोस्टन से लेकर बर्मिंघम तक लगातार गिरता तापमान रिकॉर्ड बना रहा है। रविवार से अब तक 21 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है। अमेरिका के कुछ हिस्सों में तापमान अंटार्कटिका से भी कम हो गया है। उत्तरी कैरोलिना और वर्जीनिया में पारा -40 डिग्री तक आ गया।

सर्दी में 15 मिनट में दिल के दौरे का खतरा

मिनेसोटा, लुइसियाना, फ्लोरिडा, मिसीसीपी राज्यों के लोग इतने ठंड के आदी नहीं हैं। इस कारण इनकी तकलीफ बढ़ गई है। तेल शोधन का काम और बिजली आपूर्ति बुरी तरह प्रभावित हुई है।

दक्षिण कैरोलिना और टेक्सास में बिजली की मांग बढ़ गई है। अलबामा में 30 हजार से अधिक लोगों को अंधेरे में रात गुजारनी पड़ी। उत्तर पूर्वी क्षेत्र में प्राकृतिक गैस के दाम बढ़ गए हैं।

मौसम विभाग ने सर्द मौसम बने रहने की चेतावनी जारी करते हुए लोगों को घरों में रहने की सलाह दी है। चेतावनी जारी की गई है कि शरीर के खुले अंग पांच मिनट में जम सकते हैं और 15 मिनट में इतनी सर्दी में दिल का दौरा पड़ने का खतरा है।

कड़कड़ाती ठंड से थमी अमेरिका की रफ्तार

ध्रुवीय चक्रवात से जमने के बाद अमेरिका में हवाई, रेल तथा सड़क यातायात थम गया है। कई राज्यों में बर्फीले तूफान के चलते सड़क हादसे भी हुए। लगातार सात दिनों से हजारों उड़ानें रद्द हो रही हैं।

पिछले चार दिनों में 11 हजार से अधिक उड़ानें रद्द करनी पड़ीं। ईंधन जमने से भी कई उड़ानें प्रभावित हुईं। इस दौरान यात्रा कर रहे मुसाफिरों को एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन एवं अन्य जगहों पर शरण लेनी पड़ी।

ऑटोमोबाइल एसोसिएशन ने बताया कि पारा शून्य से नीचे गिरने के बाद काफी तादाद में लोगों ने फोन कर कारें स्टार्ट न होने की शिकायत की। सोमवार दोपहर में लॉस एंजिलिस और सैन फ्रांसिस्को से शिकागो के लिए चले कई लोगों की यात्रा मंगलवार से शुरू हो पाई। मजबूरन कुछ ने यात्रा ही टाल दी तो कुछ लोगों ने थोड़ी दूरी बस से तय की। इस दौरान मुसाफिरों को खाने पीने की काफी दिक्कत हुई।

लाखों लोग खतरनाक चक्रवात से प्रभावित

अमेरिका के दक्षिणी राज्यों में लोग ठंड के दिनों में हैट और कोट कम ही पहनते हैं पर इस कड़ाके की ठंड वे पहनने को मजबूर हो गए। इंडियानापोलिस के रहने वाले टिमोलिन के घर की बिजली मंगलवार रात में चली गई। मजबूरन उन्हें अपने तीन बच्चों के साथ आश्रयगृह में शरण लेनी पड़ी।

इनके घर पानी का पाइप तो नहीं जमा, लेकिन बिजली न होने से भोजन सामग्री खराब हो गई। एक महिला ने बताया कि अंडा, पनीर और दूध जमकर खराब हो गया। फिर भी वह खुश हैं क्योंकि घर आ गए। यह आप बीती किसी एक महिला या पुरुष की नहीं अमेरिका के लाखों लोगों की है, जो इस खतरनाक चक्रवात से प्रभावित हुए।

मंगलवार शाम में 50 हजार से अधिक घरों की बिजली गुल हो गई थी। जिन राज्यों में बिजली आपूर्ति चल रही है वहां लोग ठंड से बचने के लिए हीटर का जमकर इस्तेमाल कर रहे हैं। अनुमान लगाया जा रहा है कि करीब दो करोड़ लोगों का बिजली का बिल काफी बढ़कर आ सकता है।

रिकॉर्ड लुढ़का पारा

न्यूयॉर्क -16 डिग्री सेल्सियस
बोस्टन - 9 डिग्री
अटलांटा - 14.5 डिग्री
नाशविले - 16.7 डिग्री
अरकंसास - 13 डिग्री
वाशिंगटन - 17 डिग्री
शिकागो - 24 डिग्री
सेंट लुइस - 25.5 डिग्री
बर्मिंघम - 14 डिग्री

अमेरिका और दक्षिणी कनाडा के 240 मिलियन लोग ठंड से प्रभावित
पूर्व और दक्षिणी हिस्से में भी गिरा तापमान

साइबेरिया से भी ज्यादा सर्दी

अमेरिका की सर्दी के आगे कजाकिस्तान और मंगोलिया की सर्दी भी फीकी पड़ गई है, जहां पारा शून्य से करीब 23 डिग्री सेल्सियस नीचे है। यही नहीं रूस के साइबेरिया में भी अमेरिका से कम सर्दी पड़ रही है। कड़ाके की ठंड के लिए मशहूर साइबेरिया का तापमान -33 डिग्री सेल्सियस के करीब है।

दिक्कत और तकलीफें
रेल, सड़क एवं वायु यातायात बुरी तरह प्रभावित हो गया है। राष्ट्रीय मौसम विभाग का कहना है कि मध्य पश्चिम से दक्षिण पूर्व तक तापमान शून्य से 19 डिग्री नीचे ही रहेगा। बिजली की आपूर्ति बढ़ने के बाद आपूर्ति में दिक्कत आ रही है। बेघरों के आशियाने का प्रबंध किया जा रहा है।

अर्थव्यवस्था को नुकसान

सर्दी से अमेरिकी अर्थव्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई है और करीब पांच अरब डॉलर का नुकसान उठाना पड़ा है। दुकानें बंद हैं और ग्राहकों की संख्या लगातार घट रही है।

राहत की उम्मीद
मौसम जानकारों का अनुमान है कि अमेरिका के ज्यादातर हिस्सों में अगले 24 घंटों में तापमान बढ़ सकता है जिससे लाखों लोगों को ठंड से राहत मिलेगी। बर्फीली हवाएं कमजोर पड़ती जाएंगी और मौसम गर्म होना शुरू होगा। बृहस्पतिवार को पिछले हफ्ते की तुलना में मौसम ठीक होने की उम्मीद है।

गिरता तापमान यानी खतरे की घंटी

0 -10 डिग्री सेल्सियस तापमान में त्वचा गलने का खतरा कम रहता है।
-10 से -26 डिग्री तापमान में लंबे समय तक बाहर रहने पर बीमार हो सकते हैं।
-28 से -39 डिग्री होने पर आधे घंटे में ही त्वचा जमने लगेगी।
- 40 डिग्री सेल्सियस तापमान में शरीर खुला रहने पर हाइपोथर्मिया का खतरा बढ़ जाएगा और पांच मिनट में हार्ट अटैक का खतरा बना रहेगा।
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ध्रुवीय तूफान क्या है

ध्रुवीय तूफान या पोलर वर्टेक्स ध्रुवीय इलाकों में ऊपरी वायुमंडल में चलने वाली तेज चक्रीय हवाओं को कहते हैं। कम दबाव वाली मौसमी दशा के कारण स्थायी रूप से मौजूद ध्रुवीय तूफान उत्तरी गोलार्द्ध में ठंडी हवाओं को आर्कटिक क्षेत्र में सीमित रखने का काम करते हैं।

क्या ग्लोबल वार्मिंग जिम्मेदार
इस बात के पर्याप्त सबूत हैं कि आर्कटिक क्षेत्र में बर्फ की मात्रा कम हो रही है और औसत तापमान बढ़ रहा है, जो ध्रुवीय तूफान को नियत स्थान से भटकाने वाला प्रमुख कारक हो सकता है।
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