भारत अमेरिका के साथ मिलकर अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम को भारत लाने की जुगत में लगा हुआ है। पाकिस्तान की नवनिर्वाचित नवाज शरीफ की सरकार और खाड़ी के देशों के साथ बैक चैनल बातचीत के जरिए मोस्ट वांटेड आतंकवादियों को भारत लाने की मुहिम में जुटी सरकार दाऊद को पकड़ने के लिए अमेरिका पर भी लगातार दबाव बनाए हुए है।
हालांकि सरकार ने इस बात से इंकार किया है कि इंडियन मुजाहिदीन (आईएम) आतंकी यासीन भटकल की गिरफ्तारी में किसी विदेशी एजेंसी का सहयोग लिया गया है।
गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे ने शनिवार को कहा कि उन्होंने मई में अपनी अमेरिकी यात्रा के दौरान वहां के अटॉर्नी जनरल एरिक होल्डर को दाऊद इब्राहिम के पाकिस्तान में होने के सारे सबूत दिए थे।
उन्होंने अमेरिकी सरकार से कहा था कि दोनों देश मिलकर ही दाऊद को पाकिस्तान के बाहर ला सकते हैं। अमेरिका ने इस काम में हर तरह की मदद के लिए भारत को आश्वस्त किया है।
शिंदे ने अपने मंत्रालय की मासिक रिपोर्ट पेश करने के दौरान पूछे गए सवाल के जवाब में कहा कि भटकल की गिरफ्तारी भारतीय खुफिया एजेंसियों के लंबे समय से चल रहे ऑपरेशन का नतीजा है।
केंद्रीय मंत्री के मुताबिक वह रोज शीर्ष खुफिया अधिकारियों की मीटिंग करते थे। इन मीटिंग में भटकल के बारे में ताजा सूचना दी जाती थी। उपयुक्त मौका मिलते ही भटकल को गिरफ्तार कर लिया गया।
शिंदे ने कहा कि भटकल ऐसे कई खुलासे कर रहा है जो देश की सुरक्षा के लिहाज से काफी अहम है। उन्होंने आश्वस्त किया कि आतंकी हमले में गिरफ्तार लड़कों में अगर कोई निर्दोष पाया जाता है तो उसके साथ पूरा न्याय किया जाएगा।