कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी की अगुवाई में अगले लोकसभा चुनाव के सियासी मिशन के लिए कैबिनेट के इस फेरबदल को अंजाम देने का यूपीए नेतृत्व का इरादा शनिवार को अंबिका सोनी और मुकुल वासनिक के इस्तीफे के साथ ही साफ हो गया। दस जनपथ के बेहद निकट इन दोनों नेताओं ने प्रधानमंत्री से मुलाकात कर इस्तीफा देकर संगठन में काम करने का इरादा जाहिर कर दिया।
वहीं माना जा रहा है कि सुबोधकांत सहाय को अपने भाई की कंपनी को कोल ब्लॉक दिलवाने की कीमत चुकानी पड़ी। जबकि महादेव खंडेला और विसेंट पाला को कुछ खास नहीं कर पाने के लिए राज्यमंत्री पद से इस्तीफा दिलवाया गया। अगाथा संगमा की विदाई तो तय ही थी।
कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी की पार्टी संगठन में नंबर दो की भूमिका की जल्द होने वाली घोषणा के पहले कैबिनेट के इस फेरबदल में उनकी भविष्य की टीम के चेहरों का खास ध्यान रखे जाने की तैयारी है। इसीलिए कई युवा चेहरों को पहली बार मौका दिया जा रहा है तो राज्यमंत्री से कई चेहरों को प्रमोशन मिल रहा है।