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अमरनाथ यात्रा के रास्ते हों वन-वे: सुप्रीम कोर्ट

Fri, 23 Nov 2012 12:17 AM IST
नई दिल्ली/ब्यूरो
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अमरनाथ यात्रा के मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट ने बृहस्पतिवार को जम्मू-कश्मीर सरकार से कहा कि बाबा बर्फानी के दर्शन को जाने वाले सभी रास्ते वन-वे तैयार किए जाने चाहिए। आने का रास्ता अलग और जाने का रास्ता अलग, क्योंकि एक ही रास्ते पर आने-जाने का संकरा रास्ता यात्रियों के लिए संकट की वजह बनता है।
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साथ ही शीर्षस्थ अदालत ने पंचतरणी से गुफा तक जाने वाले रास्ते तैयार कराने में सीमेंट की प्री-फैब्रीकेटेड टाइल्स को उपयोग में लाने को कहा है। जैसा कि माता वैष्णोदेवी के दर्शन को जाने वाले रास्ते में किया गया है। ताकि श्रद्धालु यात्रा के दौरान न फिसलें और पैदल यात्रियों के साथ कोई दुर्घटना न हो।

सर्वोच्च अदालत ने साथ ही पहलगाम और बालटाल से गुफा तक जाने वाले रास्तों में प्री-फैब्रिकेटेड टॉयलट्स और गुफा से आधा किलोमीटर की दूरी पर श्रद्धालुओं के लिए मूलभूत सुविधाओं की व्यवस्था करने पर भी जोर दिया है। जस्टिस बीएस चौहान व जस्टिस स्वतंत्र कुमार की पीठ ने यात्रियों की सुविधा के लिए रास्तों के किनारों पर लोहे की चेन या खंभों को स्थापित कर रेलिंग निर्माण कराने को भी कहा है। पीठ ने राज्य सरकार से कहा कि आपको कुछ ऐसा करना चाहिए जिससे लोग फिसकर नीचे न गिरें। दुर्घटना से बचाव के लिए रास्तों के किनारों पर रेलिंग की व्यवस्था होनी चाहिए।
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शीर्षस्थ अदालत ने यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की मौत की खबरों पर स्वत: संज्ञान लेकर अमरनाथ यात्रा को सुगम बनाने का आदेश जारी किया था। पीठ ने निर्देश पर हाल ही में गठित एक विशेष उच्चाधिकार समिति ने यात्रा को सुगम बनाने की योजना तैयार की है। गौरतलब है कि समिति की योजना का खाका बृहस्पतिवार को अदालत में दायर कर दिया गया। लेकिन अदालत ने स्वास्थ्य सुविधाओं के मुद्दे पर केंद्र सरकार की राय जाने के लिए इस मामले की सुनवाई को 5 दिसंबर तक के लिए टाल दिया है।

जम्मू-कश्मीर सरकार ने दायर किया योजना का खाका
बाबा बर्फानी की यात्रा को सुगम बनाने की योजना का खाका जम्मू-कश्मीर सरकार ने बृहस्पतिवार को सुप्रीम कोर्ट में दाखिल कर दिया। यह योजना विशेष उच्च स्तरीय समिति की ओर से तैयार की गई है जिसमें पहलगाम और बालटाल से गुफा तक जाने वाले पैदल यात्रियों और घोड़े, पालकियों के रास्तों को अलग करने की सिफारिश की गई है। साथ ही चंदनवाड़ी, पहलगाम और बालटाल में स्वचलित मौसम स्टेशन बनाने और भूमिगत जल की व्यवस्था के लिए कहा गया है।

इसके अलावा समिति ने टेंट और दुकानों की अनुमति की जिम्मेदारी जिला मजिस्ट्रेट को सौंपने पर जोर दिया है। योजना तैयार करने वाली समिति की सिफारिशें जम्मू-कश्मीर सरकार के पर्यटन व सांस्कृतिक विभाग के विशेष सचिव की ओर दायर हलफनामे में सुप्रीम कोर्ट के समक्ष पेश की गई है। यह हलफनामा शीर्षस्थ अदालत के 11 अक्टूबर के आदेश के अनुपालन में दाखिल किया गया है जिसमें यह भी स्पष्ट किया है कि यात्रा को सुगम बनाने के संबंध में राज्य सरकार गंभीर है।
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