मैं गाड़ी चला रहा था, रफ्तार तेज थी, तभी सड़क पार करती एक बच्ची सामने आई, उसे बचाने की कोशिश में हादसा हो गया...।
सारा की मौत पर यही कहानी बनाई थी अमनमणि त्रिपाठी ने। लेकिन उसका बयान धीरे-धीरे झूठा साबित होता जा रहा है। काफी तलाश करने पर भी न तो पुलिस को मौका ए वारदात के आसपास ऐसी कोई बच्ची मिली और न ही फोरेंसिक एक्सपर्ट की टीम को। अब जल्द ही मामले की सीबीआई जांच होने जा रही है।
पुलिस और फोरेंसिक टीम की यही रिपोर्ट सीबीआई के सामने जाएगी। अमनमणि के कहने पर पुलिस ने सड़क दुर्घटना की रिपोर्ट तो दर्ज की थी, लेकिन यह गले नहीं उतर रही थी। सीबीआई जांच शुरू होते ही सबसे पहले यही सवाल होगा कि अगर हादसा हुआ तो इसकी वजह क्या रही?