अपने पूर्व अध्यक्ष नितिन गडकरी के मामले में आयकर विभाग की भूमिका से नाराज भाजपा ने यूपीए सरकार को यूपी की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती के भाई आनंद कुमार की कंपनियों पर भी छापे मारने की चुनौती दी है। पार्टी ने कहा कि यह बात सामने आ चुकी है कि कुमार की सात कंपनियों ने पांच वर्ष के दौरान कथित रूप से 757 करोड़ रुपये प्राप्त किए।
भाजपा के खिलाफ लगातार कड़े तेवर अपना रहीं मायावती पर पार्टी ने उनके भाई की कंपनियों का मामला उठाकर यह पलटवार किया है। मायावती ने पिछले दिनों पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के दत्तक दामाद पर उंगली उठाई थी। गडकरी के पूर्ति समूह में निवेश करने वाली कंपनियों पर आयकर के छापे मारने की घटना से नाराज भाजपा को यूपीए सरकार को कठघरे में खड़ा करने का मौका मिल गया है।
पार्टी प्रवक्ता निर्मला सीतारमन ने कहा कि अब आनंद की सात कंपनियों की गड़बड़ियां सामने आने के बाद केंद्र सरकार को सीबीआई, आयकर विभाग और प्रवर्तन निदेशालय से कार्रवाई करानी चाहिए। भाजपा ने कहा कि 2011 के विधानसभा चुनाव के दौरान पार्टी ने मायावती के भाई की 76 कंपनियों की गड़बड़ियों को लेकर राष्ट्रपति तक को ज्ञापन दिया था, लेकिन केंद्र सरकार खामोश रही। भाजपा का आरोप है कि आनंद की 76 कंपनियों ने करोड़ों रुपये बटोरे हैं।
निर्मला ने कहा कि यूपी के चुनाव में भाजपा लगातार कहती रही कि आनंद कुमार ने मुख्यमंत्री का भाई होने का लाभ उठाकर सत्ता का दुरुपयोग किया। इसके लिए बाकायदा दस्तावेज भी जारी किए गए थे। प्रशासन की सभी जांच एजेंसियों से भी शिकायत की गई, लेकिन किसी ने भी कोई कार्रवाई नही की। उन्होंने आरोप लगाया कि बसपा के समर्थन के बदले यूपीए सरकार मायावती के भाई को बचाती रही है।