मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने प्रदेश की कानून-व्यवस्था की मौजूदा स्थिति पर असंतोष जाहिर करते हुए कहा है कि उन्होंने पुलिस को फ्री हैंड काम करने की छूट दे रखी है, इसके बावजूद उन्हें कानून-व्यवस्था को लेकर बहुत सुनना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि अब पुलिस महकमे को और मेहनत कर कानून-व्यवस्था पर जोर देना होगा ताकि सरकार पर इस तरह के आरोप न लगें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कानून-व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए पुलिस को बिना किसी दबाव के काम करना चाहिए। जिलों में अपराधियों की सूची तैयार कर उन पर जल्द कार्रवाई की जाए। उनकी सरकार सड़क व बिजली के क्षेत्र अच्छा काम कर रही है। इसके अलावा सपा के घोषणा-पत्र के मुताबिक महिलाओं, छात्रों व बेरोजगारों के लिए कई योजनाएं शुरू की गई हैं।
मुख्यमंत्री अपने सरकारी आवास पांच कालीदास मार्ग पर बृहस्पतिवार को वुमेन पावर लाइन 1090 सेवा की शुरुआत करने के बाद कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि इस सेवा से अनजान लोगों द्वारा बार-बार किए गए फोन कॉल्स व उल्टे-सीधे एसएमएस से परेशान महिलाओं को राहत मिलेगी। इसके अलावा सोशल साइटस और ईमेल के जरिए होने वाले उत्पीड़न को भी रोकने में अहम भूमिका अदा करेगी।
सीएम ने आला पुलिस अफसरों की मौजूदगी में कानून-व्यवस्था की चर्चा करते हुए कहा कि इसको लेकर उन्हें बहुत सुनना पड़ रहा है। पुलिस को सुधार लाना होगा। उनकी सरकार ने बिजली की समस्या से निपटने के लिए कई बड़े कदम उठाए हैं। सड़कों का विकास हो रहा है। कन्या विद्या धन अब दसवीं पास छात्राओं को भी देने की योजना है लेकिन कानून-व्यवस्था को लेकर सरकार पर आरोप लग रहे हैं।
उन्होंने कहा कि पिछली सरकार द्वारा तैयार पांच अपराधियों की सूची की चर्चा थी लेकिन यह सूची उनकी सरकार को नहीं मिली। अब जिले स्तर पर अपराधियों की सूची बनाकर उन पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। सूची बनाने का काम जल्द शुरू हो।
मायावती पर किया व्यंग्य
मुख्यमंत्री ने पीएम के डिनर के बाद बसपा सुप्रीमो मायावती द्वारा यूपी की कानून व्यवस्था को सौ प्रतिशत खराब बताए जाने पर चुटकी ली। उन्होंने कहा कि खाना तो उन लोगों ने भी पीएम के यहां खाया था। गनीमत थी खाना शाकाहारी था तो उन नेता ने सौ प्रतिशत कानून व्यवस्था खराब बताई और अगर खाना नॉनवेज होता तो पता नहीं वे (मायावती) कानून व्यवस्था पर क्या कह देतीं।
सीएम को भी मिली थी धमकी
सीएम ने मोबाइल फोन पर एक युवक द्वारा खुद को धमकी दिए जाने का वाकया भी सुनाया। उन्होंने कहा कि कुछ समय पहले लैपटॉप व टैबलेट को लेकर एक युवक उन्हें फोन कर अभद्रता से कहा कि अगर लैपटॉप व टैबलेट नहीं दिया तो देख लेंगे। कुछ और भी अभद्र बातें कीं। उसका पता लगवाया तो पता चला वह युवक बस्ती का था लेकिन सपा कार्यकर्ता नहीं था। पुलिस ने उसे खोज निकाला लेकिन हमने उस पर कोई कार्रवाई नहीं की।