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सहारनपुर दंगा EXCLUSIVE, अखिलेश सरकार की दगाबाजी

Thu, 07 Aug 2014 01:38 PM IST
शशांक मिश्र/अमर उजाला, सहारनपुर
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सहारनपुर दंगे का दाग धोने को आतुर सूबे की हुकूमत ने आखिरकार खाकी से दगा कर दिया है। उपद्रवियों को खदेड़ते समय गोली से घायल सिपाही जिंदगी और मौत से जूझ रहा है। जबकि शासन ने उसके इलाज से पल्ला झाड़ लिया है। इससे सिपाहियों और इंस्पेक्टर्स का मनोबल टूटा है और वे मायूस हैं। उन्होंने सिपाही के बेहतर इलाज के लिए चंदा करना शुरू कर दिया है। उधर, प्रशासन ने घायल सिपाही का नाम सरकार की ओर मिलने वाले मुआवजे की सूची से भी बाहर कर दिया है।
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26 जुलाई को कुतुबशेर थाने पर शुरू हुए दंगे में उपद्रवियों को खदड़ते वक्त सिपाही संसरपाल मलिक को गोली लग गई थी। दंगाइयों की गोली से गंभीर घायल हुए सिपाही को पहले देहरादून के जौलीग्रांट में रेफर किया गया। वहां हालत में सुधार नहीं होने पर दिल्ली के निजी अस्पताल भेज दिया गया। इस बीच शासन ने उस सिपाही की सुध तक नहीं ली। जब लिखा-पढ़ी शुरू हुई तो शासन ने साफतौर पर सिपाही के इलाज से इनकार कर दिया और उसे जिला अस्पताल में इलाज की नसीहत तक दे डाली गई।

शासन के इस रुख से महकमें में कर्मचारी से लेकर अधिकारी तक का मनोबल टूटा है। हालांकि स्थानीय स्तर पर सहायता कोष से थोड़ी-बहुत मदद की गई। अब जब सिपाही का परिवार महंगे इलाज से तंग हाल हो गया तो जिलेभर में तैनात सिपाही, दरोगा और इंस्पेक्टर ने मदद का हाथ बढ़ा दिया है। घायल सिपाही के लिए इलाज के लिए चंदा एकत्र किया जा रहा है।
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सिपाही को नहीं मिलेगा मुआवजा

सरकार ने दंगे में मृतकों को 10-10 लाख और घायलों को 50-50 हजार रुपए के मुआवजे का ऐलान किया है।

मगर, सिपाही के मुआवजे पर भी पल्ला झाड़ लिया गया है। शासन ने पत्र जारी कर यह कहा है कि सरकारी कर्मचारियों को मुआवजे का लाभ नहीं मिलेगा। शासन के इस आदेश के चलते ही प्रशासन ने भी घायलों की सूची से सिपाही का नाम हटा दिया गया।      

सहारनपुर के मंडलायुक्त तनवीर जफर अली ने बताया कि सिपाही को इलाज और मुआवजे का लाभ नहीं मिला है। मगर, शासन को पत्र लिखकर गंभीर घायल सिपाही को आर्थिक मदद का प्रयास करुंगा। इसके लिए अपनी ओर से हरसंभव पहल से पीछे नहीं हटूंगा।

दंगाइयों का डटकर करेंगे सामना : टिकैत

भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि किसान सिख समाज के साथ है। भाकियू से जुड़े किसान सिख समाज के साथ दंगाइयों का डटकर सामना करेंगे।

बुधवार को टिकैत ने भाकियू कार्यकर्ताओं के साथ दंगा पीड़ित व्यापारियों के प्रतिष्ठानों पर पहुंचकर दंगे का हाल जाना। उन्होंने पीड़ितों को हर संभव सहायता का आश्वासन दिया। टिकैत ने कहा कि सिख समाज हिंदुओं से अलग नहीं है। दुख की इस घड़ी में भारतीय किसान यूनियन उनके साथ है। कहा कि आज उनके साथ दर्जनों किसान ही यहां पहुंचे हैं। जरूरत पड़ी तो बड़ी संख्या में किसानों को साथ लेकर आया जाएगा। सिख समाज के निर्दोष लोगों पर मुकदमा दर्ज करने की उन्होंने निंदा की।

उन्होंने सिख समाज से गलत मुकदमों से न घबराने की अपील की। कहा कि मुजफ्फरनगर दंगों में भी छह हजार से ज्यादा गलत मुकदमें कायम किये गये थे। भाकियू की लड़ाई के बाद प्रशासन को हजारों मुकदमें वापस लेने पड़े थे। उन्होंने मोहर्रम अली उर्फ पप्पू समेत अन्य दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की। कहा कि भाकियू का प्रतिनिधि मंडल जल्द ही प्रशासनिक अफसरों से मुलाकात कर निर्दोषों पर दर्ज किए गए फर्जी मुकदम को वापस लेने का दबाव बनाएगा।
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एसजीपीसी ने दी दंगा पीड़ितों को एक करोड़ की मदद

शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी अमृतसर के अध्यक्ष अवतार सिंह मक्कड़ ने बुधवार को यहां पहुंचकर दंगा पीड़ितों का हाल जाना। उन्होंने दंगा पीड़ितों की सहायता के लिए एक करोड़ रुपये की सहायता देने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की ओर से दी जाने वाले सहायता कोष सभी धर्मो के दंगा पीड़ितों के लिए है।

बुधवार को मक्कड़ ने गुरु सिंह सभा के पदाधिकारियों के साथ घटनास्थल का दौरा किया। उन्होंने दंगे के पीड़ितों के साथ उनका दर्द साझा किया। तत्पश्चात गुरुद्वारा गुरु सिंह सभा पहुंचकर दंगे की निंदा की। उन्होंने सभी से अमन और शांति की अपील की। कहा कि डीएम चाहती तो दंगा रोका जा सकता था। दंगाइयों ने सिखों को निशाना बनाया और पुलिस-प्रशासन मूक दर्शक बनी रही। मक्कड़ ने प्रशासनिक अफसरों पर जमकर भड़ास निकाली। दंगे में पीड़ितों को मुआवजा और निर्दोषों से मुकदमा हटाने की मांग को लेकर जल्द ही मुख्यमंत्री से मुलाकात की जाएगी। इसके बाद गुरप्रीत सिंह बग्गा के आवास पर गए।

जल्द शुरु होगा गुरुद्वारे का निर्माण
अमृतसर से आए शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष अवतार सिंह मक्कड़ ने कहा कि जिस स्थल को लेकर विवाद चल रहा है। उस जमीन पर उच्च न्यायालय सिखों के पक्ष में फैसला सुना चुकी है। उन्होंने कहा कि सिख समाज की ओर से जल्द ही गुरुद्वारे का निर्माण शुरू किया जाएगा। इसमें किसी तरह की बाधा आई तो प्रशासन ही जिम्मेदार होगा।
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