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दंगा पीड़ितों और सैफई पर अखिलेश ने दी सफाई

Mon, 06 Jan 2014 05:44 PM IST
अमर उजाला, दिल्ली
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उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने साफ किया है कि प्रदेश सरकार दंगों के आरोपियों पर से मुकदमे वापस नहीं लेगी। सरकार ने इस संबंध में सिर्फ जानकारी मांगी है।
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मीडिया में ऐसी खबरें आई थी कि प्रदेश सरकार मुजफ्फरनगर दंगे के आरोपी बसपा सांसद कादिर राणा समेत अन्य मुस्लिम नेताओं से केस वापस लेने की तैयारी कर रही है। इन पर भड़काऊ भाषण देकर सांप्रदायिक वैमनस्य भड़काने समेत कई आरोप है।

पढ़ें, कादिर राणा से केस वापस लेगी सरकार

न्याय विभाग ने इस संबंध में मुजफ्फरनगर के डीएम से रिपोर्ट मांगी थी। मुजफ्फरनगर में सात और आठ सितंबर को सांप्रदायिक दंगा हुआ था।

कई नेताओं के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज
इसमें बसपा सांसद कादिर राणा, कांग्रेस नेता एवं पूर्व सांसद सइदुज्जमा, बसपा विधायक जमील अहमद और नूर सलीम राणा और कांग्रेस नेता सलमान सईद आदि के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी।
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इन सभी पर भड़काऊ भाषण देने समेत धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया गया था। इस मामले में सभी आरोपियों को जमानत मिल चुकी है।

सैफई कार्यक्रम पर बचाव किया
सैफई में रंगारंग कार्यक्रम पर भी अखिलेश ने कहा कि यह जलसा सरकार ने नहीं, बल्कि एक कमेटी ने आयोजित किया था। यहां जो दुकानें लगी थी, वो ठेले और गरीब तबके के लोगों ने लगाई थी।

साथ ही सीएम ने पूछा कि क्या नए साल पर लोग जश्न मनाना छोड़ देते हैं। यदि ऐसा नहीं तो फिर सैफई को लेकर ही इतना हल्ला क्यों?

'आप' की सफलता से गदगद
अखिलेश ने एक टीवी चैनल को दिए इंटरव्यू में कहा कि कुछ लोग शरणार्थियों को कैंप छोड़ने से रोक रहे हैं। इस मामले की जांच की जाएगी। उन्होंने साफ किया कि कैंप जबरन नहीं बंद किया जा रहा है।

दिल्ली विधानसभा चुनाव के नतीजे और आम आदमी पार्टी की सफलता से अखिलेश उत्साहित दिखे। सीएम ने कहा कि दिल्ली जैसे नतीजे पूरे देश में आना जरूरी है। इससे राजनीति में एक अलग ही बदलाव होगा।
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