‘सॉरी आप अभी कतार में हैं!’ टेलीकॉम कंपनियों द्वारा अक्सर यह वाक्य आम आदमी को सुनने को मिलते ही रहते हैं। मगर देश की खुफिया एजेंसी रॉ (रिसर्च एंड एनालाइसिस विंग) को भी अगर कुछ इस तरह का जवाब मिले, तो हैरानी होगी ही। सुरक्षा एजेंसियों की ओर से फोन टैपिंग के बढ़ते अनुरोधों की संख्या इतनी अधिक बढ़ गई है कि प्रमुख टेलीकॉम कंपनी भारती एयरटेल ने रॉ के अनुरोध को भी ‘ना’ कह कर टाल दिया।
रॉ में ज्वाइंट सेक्रेटरी रैंक के अधिकारी अरुण के सिन्हा ने टेलीकॉम विभाग को पत्र लिखकर इसकी शिकायत की है। उन्होंने इस तरह के व्यवहार को अस्वीकार्य बताया है। टेलीकॉम कंपनी ने यह कहते हुए रॉ का अनुरोध टाल दिया कि स्पेस मिलते ही इन नंबरों की टैपिंग शुरू की जाएगी।
रॉ ने इसका विरोध करते हुए कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा के मामलों में इस तरह का बर्ताव स्वीकार नहीं किया जा सकता। रॉ की शिकायत का नतीजा यह हुआ कि न सिर्फ एयरटेल ने उनके अनुरोध को प्राथमिकता दी बल्कि उन्हें अब इस मामले में स्पष्टीकरण देने को भी कहा गया है। भारती एयरटेल के प्रवक्ता ने इस संबंध में कहा, ‘हम राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मामलों पर कोई टिप्पणी नहीं करते हैं।’
विभिन्न राज्यों में साढ़े नौ हजार से ज्यादा फोन नंबरों को कानूनी रूप से टैप किया जा रहा है, इनमें से करीब साढ़े चार हजार नंबरों पर तो अगस्त से ही नजर रखने का काम शुरू हुआ है। इस संख्या में रॉ महज 10 फोन नंबरों पर ही निगरानी रखे हुए है।