रुपया का गिरना यूं तो कई लोगों को परेशान कर रहा है, लेकिन अब इसकी कमजोरी ने नया शिकार ढूंढ लिया है। यह शिकार है विमानों में मुसाफिरों की सेवा में तैनात पुरुष केबिन क्रू।
लो-कॉस्ट विमान कंपनी गोएयर ने अब से ज्यादा वजन वाले पुरुषों के बजाय केवल महिला एयरहोस्टेस रखने का फैसला किया है।
ऐसा इसलिए किया गया, ताकि विमान में हल्का रहे और ईंधन कम खर्च हो। रुपए के कमजोर होने से विमान उड़ाने का खर्च बढ़ रहा है।
गोएयर में फिलहाल 330 केबिन क्रू सदस्य हैं, जिनमें से 40 फीसदी पुरुष हैं। एक किलोग्राम अतिरिक्त वजन के कारण 3 रुपए प्रति फ्लाइट घंटे का खर्च बढ़ता है।
पुरुषों की तुलना में एयरहोस्टेस का वजन 15-20 किलो कम होता है। गोएयर उम्मीद कर रही है नए कदम से 2.5 से 3 करोड़ रुपए सालाना बचा पाएगी।
विमान कंपनी में अभी 130 पुरुष क्रू मेंबर हैं, जो बने रहेंगे। लेकिन भविष्य में केवल एयरहोस्टेस को नियुक्त किया जाएगा।
गोएयर ने अगले सात साल में अपने बेड़े में करीब 80 विमान जोड़ने की योजना बनाई है, जिसके लिए वह 2,000 एयरहोस्टेस और पायलट रखेगी।
गोएयर की सीईओ जॉर्जियो डे रोनी ने कहा, 'रुपए की गिरावट से उद्योग को नुकसान पहुंचा रहा है। विमान लीजिंग, स्पेयर पार्ट्स और ईंधन खर्च, सभी चीजें डॉलर से जुड़ी हैं। रुपए के गिरने से हम पर सालाना 30 करोड़ रुपए का बोझ पड़ेगा।'