वायुसेना ने अपने अधिकारियों और कर्मचारियों से चीन निर्मित श्योमी रेडमी 1एस फोन इस्तेमाल नहीं करने को कहा है। यह चाइनीज फोन उपभोक्ता डाटा को बीजिंग स्थित सर्वर में भेज देता है। इससे देश की सुरक्षा के लिए घातक साबित हो सकता है।
प्रमुख सुरक्षा समाधान कंपनी एफ-सेक्योर ने श्योमी रेडमी 1एस की जांच में पाया कि यह फोन उपभोक्ता का नाम, नंबर, संदेश और आईएमईआई नंबर को बीजिंग स्थित सर्वर को भेजता है। ऐसे में सुरक्षा बलों और उनके परिजनों द्वारा इसका उपयोग सुरक्षा में सेंध लगा सकता है।
वायुसेना ने अपने अधिकारियों और कर्मचारियों से इसका इस्तेमाल नहीं करने को कहा है। सूत्रों के मुताबिक वायुसेना की खुफिया यूनिट इंडियन कंप्यूटर इमरजेंसी टीम ने हाल ही में इस संबंध में निर्देश जारी किया है।
मामले में कंपनी का कहना है कि उपभोक्ताओं की सूचनाओं को गोपनीयता रखा जाता है। गैर चीनी उपभोक्ताओं के डाटा को बीजिंग सेंटर सिंगापुर और कैलीफोर्निया (अमेरिका) स्थित अमेजन एडब्ल्यूएस डाटा सेंटर भेजा जा रहा है।
अक्तूबर के अंत तक यह प्रक्रिया पूरी हो जाएगी। श्योमी के उपाध्यक्ष हुगो बर्रा का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय उपभोक्ताओं को ध्यान में रखकर डाटा ट्रांस्फर किया जा रहा है।