संसद मार्ग पर भारी भीड़ के बीच आम आदमी पार्टी (एएपी) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने कहा कि देश में भ्रष्ट नेताओं, मंत्रियों और नौकरशाहों की कोई गिनती नहीं है। ऐसे भ्रष्टाचारियों को आम आदमी पार्टी छह महीने के भीतर जेल भेजेगी। उन्होंने ऐलान किया कि सत्ता में आने पर 15 दिन के भीतर संसद में लोकपाल बिल पास कर दिया जाएगा।
पदाधिकारियों का प्रोफाइल
अरविंद केजरीवाल (संयोजक): भारतीय राजस्व विभाग की नौकरी छोड़कर सामाजिक जागरूकता अभियान से जुड़े। सूचना का अधिकार के सफल अभियान चलाने के बाद समाज के प्रतिष्ठित लोगों को एक मंच पर लाकर जनलोकपाल अभियान छेड़ा। उन्हें मैग्सेसे पुरस्कार से भी नवाजा गया। भ्रष्टाचार के खिलाफ सरकार पर दबाव बनाने के लिए जुलाई-अगस्त में जंतर मंतर पर अनशन किया।
पंकज गुप्ता (पार्टी सचिव): पेशे से इंजीनियर। 25 वर्ष तक विभिन्न सॉफ्टवेयर कंपनियों में उच्च पदों पर काम करने के बाद नौकरी छोड़ी और सामाजिक कार्य से जुड़ गए। आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के बच्चों को पढ़ाते हैं। जनलोकपाल आंदोलन से पूर्णकालिक जुड़ाव।
कृष्णकांत सेवदा (खजांची): राजस्थान निवासी सेवदा विधि एवं वाणिज्य में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद अपने रुचि के कार्य वित्तीय प्रबंधन और प्रशासन से जुड़े। ईमानदारी के साथ नैतिक ईमानदारी के पैरोकार हैं। जनलोकपाल आंदोलन के साथ शुरू से ही जुड़े हैं।
योगेंद्र यादव (कार्यकारिणी सदस्य): सामाजिक चिंतक और राजनीतिक विश्लेषक। देश और दुनिया के कई प्रतिष्ठित संस्थान से जुड़े हैं। शिक्षा का अधिकार कानून 2010 बनवाने के लिए राष्ट्रीय सलाहकार परिषद का उन्हें सदस्य बनाया गया था।