पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस के सांसद शशि थरूर की दिवंगत पत्नी सुनंदा पुष्कर की मौत पर एक नया मोड आया है। सुनंदा पुष्कर के शरीर का पोस्टमार्टम करने वाले डॉ सुधीर ने आरोप लगाया है कि रिपोर्ट को बदलने का दबाव था।
एम्स के फॉरेंसिक हेड डॉ सुधीर ने कहा कि सुनंदा पुष्कर की मौत को सामान्य दिखाने के लिए कहा गया था। वहीं इस मामले में डॉ सुधीर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और स्वास्थ्य मंत्रालय को पत्र भी लिखा है।
इस पूरे मामले को लेकर पुलिस का कहना है कि इस केस की जांच एसआईटी कर रही है। अगर जरूरत पड़ी तो डॉ सुधीर गुप्ता से भी पूछताछ की जा सकती है।
'डॉ सुधीर गुप्ता पर दबाव नहीं डाला गया'
एम्स की डॉ नीरजा भाटिया ने कहा कि डॉ सुधीर गुप्ता पर किसी भी प्रकार का दबाव नहीं डाला गया था।
उन्होंने ऐसे आरोपों से पूरी तरह से इनकार किया। नीरजा ने कहा कि जहां तक हमें जानकारी है ऐसे कोई सबूत नहीं है कि सुनंदा पुष्कर की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में छेड़छाड़ की गई हो।
सुधीर गुप्ता के आरोपों के बारे में डॉ अमित गुप्ता ने कहा कि डॉ सुधीर गुप्ता फारेंसिक विभाग के प्रमुख है और फिलहाल उन्हें हटाने को लेकर कोई बात नहीं हो रही है।
स्वास्थ्य मंत्रालय ने मांगी रिपोर्ट
पूर्व केंद्रीय मंत्री शशि थरूर की पत्नी सुनंदा पुष्कर की पोस्टमार्टम रिपोर्ट को लेकर उठे विवाद पर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने इस पूरे मामले में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान से रिपोर्ट मांगी है।
डॉ. हर्षवर्धन ने इस मामले को लेकर मीडिया में आई खबरों को देखते हुए उन्होंने एम्स के निदेशक को पूरा ब्योरा देने को कहा है। उन्होंने बताया कि डॉ. गुप्ता ने अपनी पदोन्नति को लेकर उनके मंत्रालय में प्रजेंटेशन दिया था।
रिपोर्ट में हुई थी तब्दीली
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार एम्स के फॉरेंसिक विभाग के प्रमुख डॉ सुधीर गुप्ता ने आरोप लगाया है कि पिछली सरकार के एक मंत्री के दबाव में सुनंदा पुष्कर की रिपोर्ट में तब्दीली करनी पड़ी थी।
रिपोर्ट में कहा गया था कि सुनंदा की मृत्यु स्वाभाविक थी जबकि वास्तव में उनकी मौत जहरीली दवा खाने से हुई थी।
गुलाम नबी ने डाला था दबाव
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार डॉ. गुप्ता ने स्वास्थ्य मंत्रालय और केंद्रीय सतर्कता आयोग को लिखे पत्र में उन पर दबाव डाले जाने का आरोप लगाया है।
इसी बीच थरूर ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट को लेकर उठे विवाद पर कुछ कहने से इंकार कर दिया है जबकि आम आदमी पार्टी के नेता प्रशांत भूषण ने कहा कि डॉ गुप्ता का दावा यदि सही है तो इस मामले की जांच कराई जानी चाहिए।
थरूर के ईमेल्स का दिया ब्योरा
डॉ. सुधीर ने दावे के समर्थन में एम्स के निदेशक और शसि थरूर के बीच हुए ई-मेल्स का ब्योरा भी दिया है। जिसमें रिपोर्ट बदलवाने का दवाब डाला गया।
डॉक्टर सुधीर का दावा है कि उन्होंने इस दबाव के आगे झुकने से इनकार कर दिया था, इसलिए अब उन्हें निशाना बनाया जा रहा है।
डॉक्टर गुप्ता ने रिपोर्ट में लिखा था कि सुनंदा की मौत ड्रग पॉइजनिंग की वजह से हुई है, जो कि ही आत्महत्या या हत्या दोनों का मामला हो सकता है।
सुब्रमण्यम स्वामी ने कहा प्रोफेशलन किलिंग हैं
भारतीय जनता पार्टी के नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने कहा कि सुनंदा पुष्कर की मौत एक प्रोफेशनल किलिंग है। स्वामी ने कहा कि इस खुलासे के बाद उन्हें बिल्कुल भी आश्चर्य नहीं हुआ।
स्वामी ने आगे कहा कि इस पूरे मामले की विस्तार से जांच होनी चाहिए। इससे पहले भी स्वामी कई बार सुनंदा पुष्कर की मौत पर सवाल उठा चुके हैं।
थरूर बोले जल्द हो जांच
पूर्व केंद्रीय मंत्री शशि थरूर ने इस पूरे विवाद पर कहा कि मैं चाहता हूं इस मामले की जल्द से जल्द जांच होनी चाहिए। थरूर ने कहा कि मैं जांच एजेंसियों से अनुरोध करता हूं कि इस मामले की सही और जल्द जांच करें।
मेरे साथ ही पुष्कर परिवार की भी यही राय है। हम लोग जांच एजेंसियों का साथ पूरी तरह से साथ देने के लिए तैयार हैं। थरूर ने कहा कि जल्द और निष्पक्ष जांच के बाद अटकलों पर विराम लग जाएगा।
पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में नहीं की गई छेड़छाड़
एम्स प्रशासन ने सुनंदा पुष्कर की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में छेड़छाड़ होने के आरोपों को खारिज कर दिया है। प्रशासन ने छेड़छाड के सभी आरोपों को बेबुनियाद बताया है।
एम्स प्रशासन ने डा सुधीर गुप्ता के दावों को खारिज करते हुए कहा कि सुधीर गुप्ता पर दबाव नहीं डाला गया। इस मामले में गुप्ता के रवैये पर एम्स प्रशासन ने नाराजगी भी जताई।
एम्स प्रवक्ता डॉ अमित गुप्ता ने कहा कि अगर आवश्यकता हुई तो एम्स प्रशासन इस मामले में सुधीर गुप्ता के खिलाफ कार्रवाई भी कर सकता है।