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गंभीर बीमारी की वजह से मां ने बेटे को मार डाला

Mon, 12 Aug 2013 03:11 PM IST
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क
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एड्स को समाज में आज भी सामाजिक कलंक के तौर पर देखा जाता है। तमिलनाडु के तिरुनेल्लवेली में हुई यह घटना इसी बात का सबूत है।
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तिरुनेल्लवेली में हुई घटना में एड्स से पीड़ित एक व्यक्ति को उसकी मां और भाई ने जान से मार दिया।

कलांधपनई का 34 साल का इस्साक रॉबिन एक कंस्ट्रक्शन कंपनी में काम करता था और उसे काम के सिलसिले में अलग-अलग राज्यों में जाना होता था।

रॉबिन की मां और 30 वर्षीय भाई गांव में रहते थे। रॉबिन के पिता की कुछ साल पहले ही मौत हो चुकी है।

पिछले साल रॉबिन जब घर आया तो उनकी तबीयत कुछ खराब रहने लगी। इलाज के दौरान उसे एड्स होने का पता चला।

लोगों तो यह बात पहुचंने से आसपास के लोगों और रिश्तेदारों ने रॉबिन के परिवार से दूरी बनानी शुरू कर दी। यहां तक कि रिश्तेदारों ने उनके घर आना बंद कर दिया।

मां और भाई ने निकाला घर से
इस सबसे आहत और शर्मिंदगी महसूस कर रहे रॉबिन की मां और भाई ने उसे घर से चले जाने के लिए कह दिया लेकिन रॉबिन घर से नहीं गया।

कुछ समय बाद पांच अगस्त को रॉबिन की मां पानाकुड़ी पुलिस के पास अपने बेटे की मौत की शिकायत दर्ज कराने पहुंची। उन्होंने बताया कि उनके बेटे को खून की उल्टी हुई और थोड़ी देर में उसकी मौत हो गई।
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पुलिस ने शिकायत दर्ज कर शव को पोर्स्टमार्टम के लिए भेज दिया। इसके बाद शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया। लेकिन पोर्स्टमार्टम की रिपोर्ट से रॉबिन का गला दबाकर हत्या करने की बात सामने आई।

इसके बाद पुलिस ने रॉबिन की मां, भाई और विवेक नाम के लड़के की तलाश शुरू कर दी। ये लोग काफी समय से गायब थे। रविवार को इन्हें गिरफ्तार कर लिया गया और इन लोगों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया।
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पुलिस के मुताबिक रॉबिन अपनी मां की मर्जी के बिना घर आया और अपने भाई व एक लड़के विवेक के साथ शराब पीने लगे। रॉबिन ने नशे में अपनी को गालियां देनी शुरू कर दीं। आरोप है कि इस सबसे भाई गुस्से में आ गया और उसने रॉबिन की हत्या कर दी।

पुलिस का कहना है कि एड्स के कारण सामाजिक तौर से कटने और इसे एक कलंक मानने के चलते आरोपी मां और भाई ने यह कदम उठाया।

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