रिश्वतखोरी के आरोपों का शिकार हुए 3600 करोड़ रुपये के वीवीआईपी हेलीकॉप्टर सौदे के रद्द होने की संभावना बढ़ गई है।
हेलीकॉप्टर का निर्माण करने वाली कंपनी अगस्ता वेस्टलैंड के अफसरों को बुधवार को अपना पक्ष रखने के लिए साउथ ब्लॉक बुलाए जाने से सौदा रद्द होने की सुगबुगाहट बढ़ गई है।
कंपनी के अफसर सौदे का खुलासा होने के बाद ही इस मामले को देख रहे रक्षा मंत्रालय के अतिरिक्त और संयुक्त सचिव स्तर के अफसरों के सामने सफाई पेश करेंगे।
आज कपंनी देगी सफाई
सूत्रों के मुताबिक इटली की कंपनी फिनमैक्केनिका की सहयोगी कंपनी अगस्ता वेस्टलैंड के प्रतिनिधि बुधवार की दोपहर मंत्रालय में आकर आरोपों के बारे में अपनी सफाई देंगे। कंपनी पर सौदे के लिए रिश्वत दिए जाने के आरोप है।
मंत्रालय ने पिछले महीने 21 तारीख को एक कारण बताओ नोटिस जारी किया था और कंपनी से पूछा था कि साख समझौते का उल्लंघन करने के इस मामले में क्यों न यह सौदा रद्द कर दिया जाए।
तीन हेलीकॉप्टर खरीदे गए
इस सौदे की छानबीन का काम सीबीआई कर रही है और इसमें एफआईआर भी दर्ज की जा चुकी है। इसमें पूर्व वायु सेना प्रमुख एसपी त्यागी समेत दस लोगों और अगस्ता वेस्टलैंड समेत कुछ कंपनियों को नामजद किया गया है। रिश्वतखोरी के आरोपों का खुलासा होने के बाद मंत्रालय इस सौदे पर रोक लगा चुका है।
सौदे के तहत 12 हेलीकॉप्टर खरीदे जाने थे, जिनमें से तीन भारत आ चुके हैं। इन्हें ट्रेनिंग के लिए इस्तेमाल भी किया जा रहा है।
मंत्रालय के सूत्रों ने कहा कि कंपनी ने पिछले महीने जारी 21 दिन के नोटिस का जवाब देने के लिए थोड़ी मोहलत मांगी थी। इस अनुरोध पर कंपनी को 20 नवंबर की सुनवाई के बाद लिखित जवाब देने के लिए 26 नवंबर तक का समय दिया गया है। इसके बाद नोटिस की अवधि नहीं बढ़ाई जाएगी।
मंत्रालय में अधिकारियों को इस बात का पुख्ता भरोसा है कि साख समझौते के उल्लंघन के ठोस सबूत उनके पास हैं और अब यह सौदा रद्द होने की ओर बढ़ चला है।