लगता है आईएएस अधिकारी दुर्गा शक्ति नागपाल के निलंबन पर सपा और कांग्रेस में अंदरखाने समझौता हो गया है।
दोनों पार्टियों में इस बात पर लगभग सहमति बन गई है कि अब वे इस मामले को ज्यादा तूल नहीं देंगी। अब राज्य की सपा सरकार नियमों का ख्याल रखते हुए इस मामले को अपने विवेक से निपटाएगी।
उधर, केंद्र की कांग्रेस नीत यूपीए सरकार इस मामले में टकराव की नौबत टालने के लिए मामले को ठंडा करने की कोशिश में जुट गई है।
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सपा और कांग्रेस के बीच सियासी तकरार के एक दिन बाद ही मामला ठंडा पड़ता दिखाई देने लगा। सूत्रों के मुताबिक सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव की कांग्रेस के मैनेजरों से इस सिलसिले में बातचीत हुई है।
वहीं, कार्मिक राज्यमंत्री नारायण सामी ने भी सपा नेताओं से बात की है। मंगलवार को लोकसभा की कार्यवाही शुरू होने से पहले सामी ने सदन में मुलायम सिंह से इस सिलसिले में बातचीत भी की।
बातचीत को लेकर सपा के एक वरिष्ठ नेता ने बताया कि अब इस मामले को ठंडे बस्ते में डालने पर सहमति बन गई है।
वरिष्ठ नेता ने बताया कि दुर्गा का निलंबन फिलहाल वापस नहीं लिया जाएगा। इस मामले को धीरे धीरे शांत करने की कोशिश जरूर की जाएगी।
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उधर, सूचना और प्रसारण मंत्री मनीष तिवारी ने कहा कि दुर्गा शक्ति जैसी अधिकारी को निलंबित नहीं, बल्कि सलाम करना चाहिए। मगर उन्होंने सपा सरकार पर कोई टिप्पणी करने से इंकार कर दिया। कांग्रेस की ओर से भी सपा पर कोई सीधी टिप्पणी करने से परहेज किया गया।
दूसरी तरफ, सपा ने भी केंद्र सरकार के खिलाफ सीधे कुछ बोलने से इंकार किया है। कांग्रेस के वरिष्ठ पदाधिकारी ने कहा कि कांग्रेस और सपा दोनों की अपनी अपनी राजनीतिक विवशता है। लंबे समय तक दोनों दल टकराव मोल नहीं ले सकते।