मुजफ्फरनगर दंगों के आरोपी विधायक संगीत सोम, सुरेश राणा और पार्टी नेता संजीव बालियान को आगरा रैली में सम्मानित करने की भाजपा की घोषणा बेवजह नहीं है। यह ब्रज क्षेत्र की सभी आठ लोकसभा सीटों पर निर्णायक वोटर की भूमिका वाले जाट और ठाकुरों को लुभाने की सुविचारित चुनावी रणनीति है।
भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश संगठन ने यहां विजय शंखनाद रैली में इस स्वागत करने का ऐलान कर विवादों को हवा दे दी। विपक्षी दल कह रहे कि भाजपा फिर प्रदेश का माहौल खराब करने की कोशिश में है।
वहीं भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष लक्षमीकांत वाजपेयी का कहना है कि राज्य सरकार ने साजिशन इन नेताओं पर रासुका लगाई थी। हाईकोर्ट ट्रिब्यूनल ने दूध का दूध पानी का पानी कर दिया है। वहीं दंगे के मुख्य आरोपियों को सपा सरकार का संरक्षण है। वे खुले आम घूम रहे हैं। सरकारी हेलीकाप्टर से लखनऊ बुलाए जाते हैं।
लक्ष्मीकांत का सवाल है कि ‘हम अपने पाक-साफ और पीड़ित नेताओं का सम्मान भी नहीं दे सकते हैं।’ पार्टी के सूत्रों का कहना है कि ब्रज क्षेत्र के आठों जिलों में जाट और क्षत्रिय मतदाता निर्णायक भूमिका में है। ऐसे में संगीत सोम, सुरेश राणा और संजीव बालियान के सम्मान से भाजपा इन मतदाताओं के दिल तक पहुंच सकेगी।
ब्रज क्षेत्र की आठ लोकसभा सीटें-
मथुरा, आगरा, फतेहपुर सीकरी, अलीगढ़, हाथरस, एटा, फीरोजाबाद, मैनपुरी
दिल्ली के लिए वेस्ट यूपी फतह जरूरी
मुजफ्फरनगर दंगों के बाद सपा को जो राजनीतिक नुकसान हुआ उसकी भरपाई नहीं हो पा रही है। रालोद को अपने गढ़ में ही विरोध का सामना करना पड़ रहा है। रालोद का जाट-मुसलिम गठजोड़ बिखर गया है। ऐसे में भाजपा को अपनी खोई जमीन तक पहुंचने की राह मिल गई है। उसका नेतृत्व जानता है कि पश्चिमी यूपी फतह किए बिना दिल्ली नहीं जीती जा सकेगी।