पाकिस्तानी प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने मनोनीत भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शपथ ग्रहण समारोह का निमंत्रण स्वीकार कर लिया। माना जा रहा है कि नवाज शरीफ के फैसले से भारत और पाकिस्तान के बीच बातचीत का सिलसिला एक बार फिर जोर पकड़ सकता है।
दोनों मुल्कों के इतिहास में ये पहला मौका है जब एक देश का प्रधानमंत्री दूसरे देश के प्रधानमंत्री के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल हो रहा है। नवाज शरीफ का ये फैसला कई मायनों में महत्वपूर्ण है।
पाकिस्तान के कट्टरपंथी और अलगाववादी समूह लगातार ये दबाव बना रहे थे कि नवाज भारत ना आएं। हालांकि उन्होंने ऐसे दबावों को खरिज करके ये फैसला लिया। माना जा रहा है कि पाकिस्तानी प्रधानमंत्री के फैसले से न केवल दोनों देशों के रिश्ते सामान्य होंगे, बल्कि दक्षिण एशियाई उपमहाद्वीप में शांति भी बहाल होगी।
नरेंद्र मोदी का मास्टर स्ट्रोक
गौरतलब है कि नरेंद्र मोदी के शपथ ग्रहण समारोह के लिए विदेश मंत्रालय ने पाकिस्तानी प्रधानमंत्री नवाज शरीफ समेत सभी सार्क देशों के नेताओं को न्योता भेजा है। विदेश नीति के मोर्चे पर ये पहलकदमी नरेंद्र मोदी का मास्टर स्ट्रोक मानी जा रही है।
शरीफ ने भी मोदी के न्योते को स्वीकार कर सकारात्मक रुख का संकेत दिया है। उन्होंने न केवल भारत आने का फैसला किया है, बल्कि दोनों देश के बीच बातचीत फिर से शुरू करने का जिम्मा भी उठाया है।
शरीफ शपथ ग्रहण में शामिल होने के लिए 26 मई की सुबह दिल्ली पहुंचेंगे। वे रात को भी यहीं रुकेंगे।
मोदी और नवाज की द्विपक्षीय बात भी
शरीफ के साथ पाकिस्तान के सुरक्षा सलाहकार सरताज अजीज भी होंगे। संभावना है कि वे अगले दिन अजमेर शरीफ की दरगाह जाएंगे और उसके बाद पाकिस्तान रवाना होंगे।
शपथ ग्रहण समारोह के बाद मोदी और नवाज शरीफ की द्विपक्षीय मुलाकात भी होगी। ये जानते हुए की नई सरकार चंद घंटे ही पुरानी होगी, दोनों देशों प्रधानमंत्रियों ने ये फैसला लिया है।
दिल्ली स्थिति पाकिस्तान उच्चायोग के सूत्रों ने बताया कि शरीफ के आने की तैयारियां शुरु हो चुकी हैं। सुरक्षा कारणों से ये नहीं तय किया जा सका है कि वे पाकिस्तानी उच्चायोग में ठहरेंगे या होटल में।
पर्दे के पीछे दोनों देशों के राजनयिक सक्रिय
हालांकि, पाकिस्तानी उच्चायोग में भी तैयारियां की जा रही है, ताकि होटलों में सुरक्षा संबंधी समस्या होने पर वहां ठहरने का इंतजाम किया जा सके। पाकिस्तानी उच्चायोग के सूत्र ने बताया, 'हम भारतीय सुरक्षा एजेंसियों से बातचीत कर रहे हैं और प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के यहां पहुंचने और ठहरने की योजनाएं पर काम कर रहे हैं।
वहीं, पर्दे के पीछे दोनों देशों के राजनयिकों के बीच उन मुद्दों पर भी बातचीत शुरु हो चुकी है, जिन्हें मोदी और शरीफ की मुलाकात में उठाया जाएगा। भारतीय विदेश मंत्रालय दिल्ली स्थित पाकिस्तानी उच्चायोग और इस्लामाबाद के साथ संपर्क में है और बातचीत के लिए एक साझा मुद्दों की सूची बनाने पर काम हो रहा है।
एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि मुलाकात का एजेंडा ये है कि दोनों देशों के राजनयिकों के बीच औपचारिक और अनौपचारिक स्तर पर बातचीत हो, ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार की गलतफहमी से बचा जा सके।