संसद पर हमले का मास्टरमाइंड अफजल गुरु को आखिरकार फांसी दे दी गई। जैश-ए-मुहम्मद के खूंखार आतंकी अफजल गुरु पिछले 11 साल से तिहाड़ जेल के एक अति सुरक्षित सेल में कैद था। तिहाड़ जेल में फांसी दिए जाने के पूर्व तक वह मौत से बेखौफ था।
तिहाड़ जेल में अफजल को 16 गुणा 12 फुट के बैरक नंबर- 3 में कड़ी सुरक्षा के बीच रखा गया था। फांसी देने से पहले आज सुबह से ही तिहाड़ जेल में हलचलें तेज हो गई थीं। अफजल इस बात से तनिक भी विचलित नहीं हुआ था कि यह सब हलचल उसे फांसी के फंदे पर लटकाने के लिए हो रही है।
जेल के अधिकारियों ने बताया कि अफजल शांति के साथ फांसी के फंदे तक गया और उस समय वह बेहद शांतचित्त था। अधिकारी ने बताया कि गुरु के परिवार को उसे फांसी दिए जाने के बारे में बता दिया गया था।
जेल अधिकारियों के अनुसार अफजल अन्य बंदियों की तरह ही समय गुजारता था लेकिन उसे अन्य कैदियों से अलग अति सुरक्षित सेल में रखा गया है जहां 50 हथियारबंद जवान उसकी सुरक्षा में तैनात थे।
गौरतलब है कि संसद पर हमले के दोषियों को फांसी पर लटकाने की मांग लंबे अरसे से मांग की जा रही थी। इससे पहले मुंबई हमले का इकलौता जिंदा आरोपी आमिर अजमल कसाब को भी गुपचुप तरीके से फांसी दी गई थी। अफजल गुरु 13 दिसंबर 2001 को संसद पर हमले का मास्टरमाइंड था। संसद में घुसे जैस-ए-मोहम्मद के पांच आतंकियों के हमले में 9 सुरक्षाकर्मी शहीद हो गए थे।