राजस्थान लोक सेवा आयोग (आरपीएससी) के पूर्व अध्यक्ष हबीब खान गौरान ने मंगलवार को निचली अदालत में समर्पण किया और उन्हें बेल भी मिल गई। अदालत ने उनकी जमानत अर्जी पर सुनवाई के बाद सशर्त जमानत पर छोडऩे का आदेश दिया।
अदालत ने पूर्व में जारी गौरान के गिरफ्तारी वारंट को भी वापस मंगा लिया है। सुनवाई के दौरान वे पक्षकारों के लिए रखी कुर्सी पर बैठ गए, जिससे उन्हें अदालत से फटकार सुननी पड़ी।
अदालत खुलने के साथ ही गौरान अदालत में हाजिर हुए। उनकी ओर से जमानत प्रार्थना पत्र के साथ ही उच्चतम न्यायालय की ओर से इस संबंध में दिए आदेश की प्रति भी पेश की गई। गौरान की ओर से कहा गया कि उच्चतम न्यायालय ने आत्मसमर्पण करने पर जमानत देने को कहा है।
अदालत ने गोरान को अनुसंधान में सहयोग करने और जांच अधिकारी की ओर से लिखित में नोटिस देकर बुलाए जाने पर पेश होने को कहा है।
ये है मामला
स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) ने गोरान पर प्रिटिंग प्रेस जाकर आरजेएस भर्ती के प्रश्नों को पु्रफ रिडिंग के नाम पर लेकर लीक करने का आरोप लगाया है। एसओजी की अब तक की जांच में आया है कि गौरान ने 16 मार्च 2013 को प्रिटिंग प्रेस पहुंच कर प्रेस मालिक मुदेश पुरोहित से आरजेएस के प्रश्न पत्र प्रूफ रिडिंग के नाम पर लिए और प्रश्न पत्रों की नोटिंग की, जबकि गौरान अपने बेटी के परीक्षा में शामिल होने का हवाला देते हुए 1 मार्च 2013 को ही परीक्षा प्रक्रिया से अलग हो गए थे।