स्पॉट फिक्सिंग ने अक्सर मौन नजर आने वाले लोगों को भी बोलने पर मजबूर कर दिया है। शायद यही वजह है कि सचिन तेंदुलकर के बाद प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने भी आईपीएल में हुई स्पॉट फिक्सिंग पर मौन तोड़ दिया है।
थाईलैंड से विशेष विमान से लौटते हुए पत्रकारों से बातचीत में मनमोहन सिंह ने आईपीएल समेत कई मुद्दों पर राय दी। उन्होंने कहा कि राजनीति और खेल को मिक्स नहीं करना चाहिए।
पूछे जाने पर कि क्या सरकार स्पॉट फिक्सिंग मामले में दखल देगी, तो मनमोहन ने जांच का हवाला देते हुए इस मामले पर प्रतिक्रिया देने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा, 'फिक्सिंग मामले पर बोलना ठीक नहीं है क्योंकि अभी जांच जारी है।'
प्रतिक्रिया देना मेरे लिए उचित नहीं
बीसीसीआई में अहम पदों पर विराजमान राजनेताओं के मसले पर भी मनमोहन ने कुछ नहीं कहा।
उन्होंने खुद को इस पूरे मसले से अलग रखने की कोशिश की। हालांकि उन्होंने कहा, 'इस पर प्रतिक्रिया देना मेरे लिए उचित नहीं होगा। मैं तो यही उम्मीद करता हूं कि खेल और राजनीति मिक्स न हो।'
जल्द भरे जाएंगे मंत्रालय
पवन बंसल और अश्विनी कुमार के जाने से सीपी जोशी और कपिल सिब्बल के पास एक-एक मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार है। मनमोहन ने कहा कि वह मंत्रिमंडल में खाली पड़े पदों को भरने पर भी विचार कर रहे हैं।
सोनिया से नहीं मतभेद
प्रधानमंत्री ने साफ कर दिया कि उनके और सोनिया गांधी के बीच कोई मतभेद नहीं है। उन्होंने कहा कि सोनिया के साथ सभी मुद्दों पर उनकी बात होती है और वे मिलकर काम करते हैं।
भावी गठबंधन के दिए संकेत?
मनमोहन ने यह भी कहा कि राजनीति में न ही कोई स्थायी दुश्मन नहीं होता और न ही कोई हमेशा दोस्त बना रहता है। कुछ विशेषज्ञ इस बयान को भावी गठबंधन की योजना से़ जोड़कर देख रहे हैं।
गौरतलब है कि इस साल नवंबर तक पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव होने हैं।
मनमोहन दो दिवसीय थाईलैंड दौरा खत्म करके आज भारत लौट रहे हैं। उनका पांच दिवसीय जापान और थाईलैंड दौरा सोमवार से शुरू हुआ था।