कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी के लौटते ही कांग्रेस का राजनीतिक फोकस दस जनपथ से हटकर 12 तुगलक लेन पर शिफ्ट होता दिख रहा है। राहुल के आते ही सोनिया गांधी और प्रियंका गांधी के खुद 12 तुगलक लेन पहुंचने को कांग्रेस के शीर्ष स्तर पर एक संकेत माना जा रहा है।
कांग्रेस अध्यक्ष रणनीतिक तौर पर 12 तुगलक लेन पहुंची थीं। अपने इस कदम से वह पार्टी नेतृत्व को लेकर जारी उलझन दूर करना चाहती हैं। साथ ही प्रियंका की 12 तुगलक लेन पर मौजूदगी में भी संदेश छिपे होने की बात कही जा रही है। माना जा रहा है कि वह राहुल के रास्ते में रोड़ा नहीं बनेंगी।
कांग्रेस के शीर्ष नेताओं का कहना है कि राहुल को कांग्रेस अध्यक्ष बनाने का फैसला भले अभी नहीं लिया जाए मगर पार्टी अध्यक्ष उनके खिलाफ उठ रहे सुरों को जल्द से जल्द थामने के पक्ष में हैं। इसलिए सोनिया और प्रियंका ने एकजुटता दिखाते हुए राहुल की अगवानी की।