नोएडा के बिसाहट से भड़की सांप्रदायिक हिंसा से पूरा प्रदेश सुलग रहा है। शासन प्रशासन मामले को निपटाने में जुटे हैं तो नेताओं की बयानबाजी आग में घी डालने का काम कर रही है। खुराफाती और शरारती तत्व फेसबुक, व्हाट्सएप, ट्विटर समेत अन्य सोशल साइटों को हथियार बनाकर अमन में जहर घोलने का काम कर रहे हैं।
खुफिया विभाग की रिपोर्ट के बाद वेस्ट यूपी के मुरादाबाद समेत कई जिलों में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है। मुरादाबाद में तो सोशल साइटों की निगरानी के लिए एक सेल गठित किया गया। जबकि जल्द ही उत्तर प्रदेश की पहली लैब मेरठ में तैयार की जा रही है।
उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव का बिगुल बज चुका है। जबकि बिहार में विधान सभा चुनाव की सरगर्मियां भी तेज हो चुकी हैं। अब नेता हर मामले को मुद्दा बनाकर वोट अपने पक्ष में कराने में जुटे हैं।
नोएडा सांप्रदायिक हिंसा से झुलस रहा है। जबकि काशी में भी हिंसा तेज हो चुकी हैं। प्रदेश के हालत लगातार बिगड़ते जा रहे हैं। वेस्ट यूपी के कई लोगों में पंचायत चुनाव के दौरान बवाल व झगड़े की आशंका जताई जा रही है।