भारत में मैगी की बिक्री पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एफएसएसएआई) ने शुक्रवार को नेस्ले को मैगी के नौ उत्पादों को बाजार से हटाने को कहा है। वहीं केंद्र सरकार ने पहली बार इस मामले में हस्तक्षेप किया है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वास्थ्य सचिव को तलब कर मामले की पूरी जानकारी ली। स्वास्थ्य सचिव ने उन्हें बताया कि नेस्ले के कई उत्पाद तय मानकों पर खरे नहीं उतरे हैं। इसके बाद पीएम ने उन्हें खाद्य पदार्थों के लिए तय मानकों से किसी तरह का कोई समझौता न करने का निर्देश दिया है।
इस बीच, बेहद कड़ा रुख अपनाते हुए स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने भी नेस्ले के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। नड्डा ने कहा कि मैगी के कई नमूनों की जांच के बाद पता चला है कि नेस्ले ने सुरक्षा मानकों का उल्लंघन किया है। उन्होंने कहा कि देशवासियों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। इसलिए नेस्ले के नौ उत्पादों की बिक्री और उत्पादन पर रोक लगा दी गई है।
बाजार से मैगी हटा रही है नेस्ले, कहा - मैगी अब भी सुरक्षित
वहीं पूरे विवाद पर नेस्ले ने कहा कि वह भारतीय बाजार से मैगी को हटा रही है। निराधार भ्रम की वजह से उसके उपभोक्ताओं का भरोसा हिला है। हालांकि, कंपनी का अब भी मानना है कि उसके नूडल्स खाने के लिए पूरी तरह सुरक्षित हैं। विवाद गहराने के बाद नेस्ले के वैश्विक मुख्य कार्यकारी अधिकारी पॉल बुल्के स्थिति का जायजा लेने स्विटजरलैंड से दिल्ली पहुंचे हैं।
इस बीच, नेस्ले इंडिया ने उत्तराखंड सरकार के राज्य में मैगी को बैन करने के फैसले के खिलाफ नैनीताल हाईकोर्ट में अपील की है। हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने खाद्य विश्लेषक की रिपोर्ट भी पेश करने को कहा है। मामले की अगली सुनवाई अब 15 जून को होगी।
यहां मैगी नूडल्स की बिक्री पर लगा प्रतिबंध
उधर, देश के कई राज्यों और नेपाल जैसे देशों के साथ ही अब मध्य प्रदेश ने भी अपने यहां मैगी नूडल्स की बिक्री पर प्रतिबंध लगा दिया है। बिहार सरकार ने भी एक महीने के लिए पाबंदी लगा दी है। पटना में शुक्रवार को खाद्य सुरक्षा आयुक्त आनंद किशोर ने इसकी जानकारी दी।
मालूम हो कि मैगी नूडल्स में सीसे की मात्रा तय स्तर से अधिक और मोनो सोडियम ग्लूटामेट (एमएसजी) पाया गया है। इससे पहले, एफएसएसएआई ने मैगी ब्रांड के नौ तरह के नूडल्स को खाने के लिए असुरक्षित और खतरनाक बताया। उसने कंपनी को नौ उत्पादों के उत्पादन और बिक्री पर तत्काल रोक लगाने का फरमान जारी किया है।
एफएसएसएआई का कहना है कि नेस्ले ने उत्पाद मंजूरी लिए बगैर और बिना जोखिम एवं सुरक्षा आकलन के मैगी ओट्स मसाला नूडल्स पेश किया।
उत्तराखंड में नेस्ले की फैक्ट्री में प्रशासन का छापा
मैगी को लेकर विवादों में घिरी नेस्ले कंपनी की फैक्ट्री
में उत्तराखंड प्रशासन और खाद्य विभाग के अधिकारियों ने छापेमारी कर
उत्पादन की जांच की। करीब दो घंटे तक हुई जांच के दौरान फैक्ट्री की पांचों
उत्पादन लाइनें बंद मिलीं। अधिकारियों ने फैक्ट्री में स्टाक चेक कर उसकी
रिपोर्ट तैयार की है। इसके बाद माल को कंपनी में ही सील कर दिया है। साथ ही
कंपनी में वापस आने वाले माल की रोजाना रिपोर्ट प्रशासन को देने के
निर्देश दिए हैं।
सिंगापुर में भारत से आयातित मैगी की बिक्री पर रोक
यहां आयातकों को आदेश दिए गए हैं कि मैगी के नमूनों की रिपोर्ट आने तक भारत में बने मैगी नूडल्स की बिक्री न करें। सिंगापुर की एग्री-फूड एंड वेट्रनरी अथॉरिटी (एवीए) ने यह निर्णय भारत में कई राज्यों द्वारा मैगी नूडल्स की ब्रिकी पर रोक लगाए जाने के बाद लिया है। एवीए ने कहा कि सिंगापुर में भारत से ‘बहुत कम मात्रा में’ मैगी इंस्टेंट नूडल्स का आयात हुआ है जबकि वहां बने मैगी ओट (जई) उत्पादों का आयात नहीं हुआ है। एवीए ने एहतियात के तौर पर सुरक्षा जांच के लिए इंस्टेंट नूडल्स के नमूने ले लिए हैं।
रिलायंस रिटेल ने नूडल्स के सभी उत्पादों को स्टोर्स से हटाया
मैगी को लेकर चल रहे विवाद के बीच रिलायंस रिटेल ने देश भर में अपने स्टोर्स से नूडल्स के सभी उत्पादों को फिलहाल हटा लिया है। इनमें सनफीस्ट ‘यिप्पी’ और नोर के उत्पाद भी शामिल हैं। कंपनी के सूत्रों के अनुसार, अप्रत्याशित कदम उठाते हुए 200 शहरों में 2,621 स्टोर्स से इंस्टेंट नूडल्स के सभी उत्पादों को हटाने का फैसला किया गया।