सहारनपुर के रामपुर मनिहारान में छेड़छाड़ के बाद शनिवार रात हुए सांप्रदायिक बवाल में वसीम की मौत के बाद दर्ज एफआईआर में नगर पंचायत चेयरमैन प्रतिनिधि को नामजद करने पर अब गुर्जर समाज में उबाल है।
सोमवार को गुर्जर समाज और भारतीय किसान यूनियन ने अलग-अलग पंचायत कर चेयरमैन प्रतिनिधि का खुला समर्थन किया। पंचायत में साफ किया गया कि अगर निष्पक्ष कार्रवाई नहीं हुई तो सड़क पर आंदोलन किया जाएगा।
उधर, काजी नदीम अख्तर के आवास पर बैठक कर पूर्व विधायक इमरान मसूद ने पुलिस और प्रशासन को चेताया है। उन्होंने कहा कि वसीम की हत्या पुलिस की गोली से हुई है। इन पंचायतों के बाद पुलिस-प्रशासन भी बेहद अलर्ट हो गया है।
दरअसल, बवाल में शनिवार रात वसीम पुत्र अख्तर की मौत के बाद रविवार के दर्ज एफआईआर में कोतवाली प्रभारी के साथ चेयरमैन प्रतिनिधि प्रदीप चौधरी को नामजद करते हुए मुकदमा दर्ज कराया गया।
इस मामले में गलत नामजदगी को लेकर गुर्जर समाज की पंचायत मोहल्ला गंगाराम में चौधरी भूपेंद्र सिंह के आवास पर हुई। इसमें वक्ताओं ने कहा कि यह एक सोची-समझी साजिश के तहत प्रदीप चौधरी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। यह पूरे समाज को बदनाम करने की साजिश भी है। जिस वक्त वहां बवाल हो रहा था, उस समय चेयरमैन प्रतिनिधि झगड़ा शांत कराने में जुटे थे।
पंचायत में कहा गया है कि यदि प्रदीप चौधरी का मुकदमे से नाम वापस नहीं लिया गया तो वह सड़कों पर उतर आएंगे। वहां मौजूद लोगों ने आरोप लगाया कि पुलिस ने सपा नेताओं के दबाव में प्रदीप चौधरी का नाम राजनीति प्रतिद्वंद्वता को लेकर मुकदमे में दर्ज किया है।
समाज के लोगों ने कहा कि यदि कोई सभ्य व्यक्ति किसी भी विवाद का फैसला कराता है और फिर उसके खिलाफ इस तरह कार्रवाई हुई तो भविष्य में कोई व्यक्ति फैसलों में आगे नहीं आएगा। पंचायत में नाजिम, मंसूर, दुष्यंत कुमार मुन्ना, साहब सिंह, मा. ओमपाल आदि सहित समाज के गणमान्य लोग उपस्थित रहे।