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गडकरी की फिर ताजपोशी पर आडवाणी को आपत्ति

Sun, 20 Jan 2013 01:05 AM IST
नई दिल्ली/ब्यूरो/एजेंसी
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भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव में दिलचस्प मोड़ सामने आ सकता है। सूत्रों की मानें तो पार्टी के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी ने नितिन गडकरी के नाम पर आपत्ति जताते हुए लोकसभा में विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज को पार्टी अध्यक्ष बनाने की इच्छा जताई है।
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सूत्रों के अनुसार आडवाणी ने अपनी इस मंशा से पार्टी के वरिष्ठ नेताओं व आरएसएस के पदाधिकारियों को अवगत करा दिया है। सुषमा को अध्यक्ष बनाकर आडवाणी एक तीर से दो निशाने साधना चाह रहे हैं। पहला तो यह कि सुषमा स्वराज के भाजपा अध्यक्ष बनने से पार्टी पर उनकी ढीली हो चुकी पकड़ फिर से मजबूत हो जाएगी और पार्टी को गडकरी की विवादास्पद छत्रछाया से मुक्ति मिल जाएगी।

दूसरी ओर प्रमुख प्रतिद्वंद्वी पार्टी कांग्रेस की मुखिया सोनिया गांधी के जवाब में सुषमा के महिला अध्यक्ष होने का लाभ भाजपा के हिस्से में आ सकता है। वैसे भी सुषमा को सोनिया का चिर विरोधी माना जाता है। सोनिया ने पहला चुनाव दक्षिण भारत की बेलारी सीट से लड़ा था, जहां भाजपा की ओर से सुषमा ने उन्हें कड़ी चुनौती दी थी।
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इसके अलावा अनेक अवसरों पर सुषमा ने सोनिया को घेरने में कभी कोताही नहीं की। तेज तर्रार सुषमा के अध्यक्ष होने का जो लाभ 2014 के लोकसभा चुनाव में मिलेगा, वह गडकरी से मिलने की उम्मीद नहीं है। गडकरी पर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों को आडवाणी पार्टी के लिए काफी घातक मान रहे हैं।

दूसरी ओर पार्टी अध्यक्ष के चुनाव को लेकर आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने शनिवार को आडवाणी से बात की है। गडकरी पर लगे सारे आरोपों को दरकिनार कर आरएसएस उन्हें दोबारा भाजपा अध्यक्ष बनाना चाह रहा है। रविवार को इस पद के लिए नामांकन दाखिल किया जाएगा। आरएसएस की रणनीति है कि बिना किसी विवाद के उन्हें निर्विरोध अध्यक्ष चुन लिया जाए।
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