पहले अपने ‘भीष्म पितामह’ लालकृष्ण आडवाणी और अब गठबंधन के ‘दोस्त’ नीतीश कुमार की ओर से उठाए सियासी तूफान ने नरेंद्र मोदी को लेकर भाजपा के उत्साह की हवा काफी हद तक निकाल दी है।
अगर ये सियासी तूफान नहीं आते तो आज भाजपा मोदी को लेकर देशभर में ढोल-नगाड़े बजा रही होती।
आज अगर भाजपा खामोश है तो इसका कारण आडवाणी और नीतीश की से लगा झटका है। अब पार्टी की एनडीए का कुनबा बढ़ाने की योजना भी खटाई में पड़ती दिख रही है।
मोदी को लेकर भाजपा के उत्साह में पहला खलल आडवाणी ने डाला। गोवा में आतिशबाजी के बीच नरेंद्र मोदी को केंद्रीय चुनाव समिति की कमान सौंपने वाली भाजपा बीते सोमवार की शाम दिल्ली के अशोक रोड स्थित अपने मुख्यालय में जश्न मनाने जा रही थी।
देशभर में जश्न मनाने के लिए लगभग पूरा खाका तैयार हो चुका था, लेकिन तब ‘बीमार’ आडवाणी के इस्तीफे ने इस उत्साह में खलल डाल दिया।
दुआ देते हैं जीने की, दवा करते हैं मरने कीः नीतीश
वह मामला सुलझा तो अब 17 साल से ‘दोस्त’ रहे जद-यू कुट्टी करने पर आमादा है। माना जा रहा है कि जद-यू रविवार को भाजपा से गठबंधन तोड़ देगा।
उधर, भाजपा इसके ठीक अगले दिन यानी सोमवार से यूपीए सरकार के खिलाफ देशभर में जेल भरो आंदोलन के साथ सियासी जंग शुरू करने जा रही है।
मोदी की तारीफों के पुल, नीतीश को 'टोपी'
इस आंदोलन में मोदी भी शामिल होंगे, लेकिन भाजपा का गोवा वाला उत्साह अब नदारद है। भाजपा ने गोवा से पहले सूरजकुंड और तालकटोरा सम्मेलन में एनडीए प्लस योजना को आगे बढ़ाने का ऐलान किया था। यानी भाजपा को एनडीए के कुनबे में विस्तार करना था, लेकिन अब यह कुनबा मात्र तीन दलों तक सिमट गया है।
भाजपा इससे भी चिंतित है। इसलिए पार्टी अब एनडीए के विस्तार से ज्यादा आगामी लोकसभा चुनाव में संख्या बल बढ़ाने पर जोर देगी।
180 सांसद जीते तो लौट आएंगे पुराने साथी
बदले हालात में भाजपा चाहती लोकसभा चुनाव में कम से कम 180 सीटें जीतना चाहती है। उसे भरोसा है कि अगर ऐसा होता है तो राजग सरकार के समय उसके सहयोगी रहे कई दल फिर उसका दामन थाम लेंगे।
पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने कहा भी है कि यदि उनकी पार्टी 180 से 200 तक सांसद जीता लेती है तो तीसरा मोर्चा की वकालत करने वाले कई दल एनडीए में लौट आएंगे। तब उनके लिए भाजपा सांप्रदायिक नहीं रहेगी।
भाजपा का जेल भरो आंदोलन सोमवार से
यूपीए सरकार के खिलाफ भाजपा का प्रस्तावित जेल भरो आंदोलन अब 17 से 30 जून तक चलेगा। गोवा सम्मेलन में इसे 22 जून तक रखने का ऐलान किया गया था। इस आंदोलन में नरेंद्र मोदी भी शिरकत करेंगे।
इधर, मोदी पर कांग्रेस के तीखे बयानों से नाराज भाजपा ने पलटवार किया है। पार्टी उपाध्यक्ष मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा है कि इससे साफ है कि कांग्रेस मोदी से कितनी डरी हुई है।