लोकसभा चुनावों में भाजपा की ऐतिहासिक जीत का 'सेहरा' किससे सिर बंधे, इस बात को लेकर खुद पार्टी के अंदर ही खींचतान मची हुई है। भाजपा में जीत के श्रेय को लेकर अभी तक अलग-अलग सुर सुनाई दे रहे हैं।
हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भाजपा की जीत का नायक अमित शाह को बताया था, लेकिन शाह की खुशी पर खुद आरएसएस ने पानी फेर दिया।
आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने मोदी के बयान का खंडन करते हुए जीत को श्रेय जनता को दिया। अब इस मामले में भाजपा के पितामह और वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी भी कूद गए हैं।
स्वतंत्रता दिवस के मौके पर आडवाणी ने लोकसभा चुनाव में मिली जीत का श्रेय पार्टी के किसी नेता को ना देकर 'किसी और' को ही दे दिया।
किसकी वजह से मिली जीत?
वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी ने लोकसभा चुनाव में मिली जीत का श्रेय विपक्ष को देते हुए कहा कि भ्रष्टाचार में डूबी कांग्रेस सरकार के पिछले 10 साल के झूठे वादों ने पार्टी को जीत दिलाई।
भाजपा कार्यकर्ताओं को भी जीत का श्रेय देते हुए आडवाणी ने कहा कि पार्टी के कार्यकर्ताओं ने भी इस चुनावी संग्राम में बहुत मेहनत की, उनकी मेहनत की बदौलत ही पार्टी इस मुकाम तक पहुंची।
आडवाणी ने कहा, 'मैंने 1952 से लोकसभा के सभी चुनाव देखे हैं, लेकिन 2014 का चुनाव अभूतपूर्व था। ऐसा चुनावी परिणाम पहले कभी नहीं देखा गया। हमारे कार्यकर्ताओं ने इस चुनाव में जी-तोड़ मेहनत की।'
उन्होंने आगे कहा, 'लेकिन मैं इस बात से इंकार नहीं कर सकता कि इस जीत में सबसे बड़ा योगदान विपक्ष का है। अगर कांग्रेस की यूपीए सरकार इतनी गलतियां नहीं करती और देश की जनता पिछले 10 साल से जारी उनके भ्रष्टाचार की गवाह ना बनती तो इस तरह को ऐतिहासिक परिणाम पार्टी को नहीं मिलता।'
'मोदी को भाषण के लिए बधाई'
आडवाणी ने कहा कि नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में किए गए धुआंधार चुनाव प्रचार से भी इस जीत में बड़ा योगदान मिला, लेकिन सबसे इसमें बड़ा योगदान विपक्ष का है।
उन्होंने कहा कि इस बड़ी जीत के कारण जनता की उम्मीदें हमसे बढ़ गई हैं। नरेंद्र मोदी की तारीफ करते हुए आडवाणी ने कहा, 'मैं प्रधानमंत्री को बधाई देता हूं कि उन्होंने 68वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर कोई लिखित भाषण नहीं दिया। उनके भाषण का जनता पर सकारात्मक असर पड़ा है।'