सीबीएसई ने वर्ष 2013 से भौतिकी, रसायन, जीवविज्ञान तथा गणित विषयों में इंटरमीडिएट कक्षा में एडवांस कोर्स लागू करने का फैसला लिया है। दो हफ्ते पहले हुई बोर्ड की बैठक में इस फैसले पर मुहर लगाई गई है। जल्द ही इस कोर्स को शुरू करने को इच्छुक स्कूलों से बोर्ड आवेदन मांगेगा। सीबीएसई बोर्ड के चैयरमैन विनीत जोशी ने बताया कि बोर्ड एडवांस साइंस तथा गणित के लिए पाठ्यक्रम तय करने के साथ ही इसके लिए अलग से पुस्तकें भी तैयार कराएगा।
इसके लिए एक कमेटी का गठन किया जाएगा। इन चारों विषयों में एडवांस पाठ्यक्रम को स्कूल स्तर पर लागू करने तथा छात्र द्वारा एडवांस कोर्स की पढ़ाई ऐच्छिक होगी। जो बच्चे एडवांस साइंस किसी खास मकसद से पढ़ना चाहेंगे केवल उन्हें ही इस विषय में दाखिला दिया जाएगा अन्यथा सभी के लिए बेसिक साइंस व गणित का पाठ्यक्रम यथावत रहेगा।
उल्लेखनीय है कि इंटरमीडिएट के बाद विदेशी विश्वविद्यालयों, आईआईटी तथा कुछ अन्य वैज्ञानिक संस्थाओं में प्रवेश के लिए होने वाली प्रवेश परीक्षा में ज्यादातर सवाल एडवांस साइंस व गणित से पूछे जाते हैं। ऐसी परीक्षाओं के लिए इंटर में एडवांस कोर्स करने वाले छात्रों को बेहतर अवसर उपलब्ध हो सकेगा। सीबीएसई एडवांस कोर्स लागू करने वाले स्कूलों के शिक्षकों को अलग से प्रशिक्षण दिए जाने की भी योजना तैयार कर रहा है।
हर स्कूल में होगा सीसीई कोआर्डिनेटर
सीबीएसई बोर्ड की बैठक में यह भी फैसला लिया गया कि सभी संबद्ध स्कूल आरटीई के तहत अनिवार्य सतत एवं समग्र मूल्यांकन (सीसीई) को प्रभावी बनाने के लिए अपने यहां एक कोआर्डिनेटर की नियुक्ति करेंगे। यह कोआर्डिनेटर स्कूल का ही कोई शिक्षक होगा। इस शिक्षक को सीबीएसई बोर्ड हर महीने दो हजार रुपये का भुगतान भी करेगा।
उल्लेखनीय है कि आरटीई के तहत आठवीं तक बच्चों को फेल न करने की नीति है लेकिन बच्चों के विकास व सीख को जांचने के लिए लगातार मूल्यांकन किए जाने का भी निर्देश है। ज्यादातर स्कूलों में अभी मूल्यांकन का काम प्रभावी तरीके से नहीं किया जा रहा है।