राज्य सरकार ने तकनीकी शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए संयुक्त प्रवेश परीक्षा पास न कर पाने वाले छात्रों को भी निजी पॉलीटेक्निक में सीधे एडमिशन लेने की सुविधा दे दी है। यह निर्णय मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट की बैठक में किया गया। प्रदेश में मौजूदा समय 233 निजी पॉलीटेक्निक में 58 हजार 530 सीटें हैं।
मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में निर्णय किया गया कि निजी पॉलीटेक्निक में काउंसलिंग के बाद रिक्त सीटों के लिए राजकीय तथा अनुदानित पॉलीटेक्निक के साथ दो या तीन चरणों में काउंसलिंग कराई जाएगी। इसके बाद भी निजी पॉलीटेक्निक में रिक्त सीटों पर संयुक्त प्रवेश परीक्षा क्वालीफाई कर रैंक प्राप्त करने वाले छात्रों को एडमिशन देने में वरीयता दी जाएगी। दूसरी वरीयता संयुक्त प्रवेश परीक्षा में शामिल होने वाले उन छात्रों को दी जाएगी जो परीक्षा नहीं पास कर पाए होंगे। आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों द्वारा एडमिशन न लिए जाने की दशा में इन सीटों पर किसी भी वर्ग के अभ्यर्थियों को प्रवेश देने की छूट होगी।
प्रदेश में मौजूदा समय 78 सरकार पॉलीटेक्निक में 22 हजार 624, अनुदानित 18 पॉलीटेक्निक में 9 हजार, 984 तथा 233 निजी पॉलीटेक्निक में 58 हजार 530 सीटें हैं। इन संस्थाओं में एडमिशन देने के लिए प्रत्येक वर्ष संयुक्त प्रवेश परीक्षा आयोजित कराई जाती है। काउंसलिंग के बाद भी निजी पॉलीटेक्निक में काफी सीटें खाली रह जाती हैं, इसके चलते संस्थान प्रबंधन इन खाली सीटों को सीधे भर लेता है। प्रत्येक वर्ष सीधे एडमिशन पाने वालों को परीक्षा में शामिल होने से रोक दिया जाता है और काफी होहल्ला के बाद परीक्षा में बैठने की इजाजत दी जाती है।