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'मुस्लिमों को पाकिस्तान भेजकर ही हो सकती है घर वापसी'

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अलीगढ़ में प्रस्तावित धर्मांतरण का कार्यक्रम 'घर वापसी' टाल दिया गया है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ समर्थित संगठन धर्म जागरण समिति ने कहा है कि 25 दिसंबर को होने वाला घर वापसी कार्यक्रम कुछ दिनों बाद आयोजित किया जाएगा।
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हालांकि शिवसेना के प्रदेश अध्यक्ष अनिल सिंह ने कार्यक्रम का विरोध कर मामले को नया ही रंग दे दिया है। उन्होंने कहा है कि शिवसेना संघ से जुड़े धर्म जागरण मंच द्वारा प्रस्तावित घर वापसी के कार्यक्रम को किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं करेगी। उन्होंने कहा है कि मुस्लिमों को इस प्रकार धर्म परिवर्तन कराने से हिंदुओं में आनुवांशिक गड़बडि़यां पैदा हो जाएंगी।

उन्होंने कहा कि मुस्लिमों का घर पाकिस्तान है। उनकी वापसी पाकिस्तान भेजकर ही की जा सकती है। शिवसेना ने अनिल सिंह के बयान से खुद को अलग कर लिया है।
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'उद्घव ठाकरे ने नहीं नियुक्त किया अनिल सिंह को'

शिवसेना की उत्तर प्रदेश की इकाई की मुखिया अनिल सिंह ने कहा है कि हिंदुओं और मुस्लिमों की संस्कृति में बहुत ही अंतर है। मुस्लिमों को हिंदू बनाने को जो लोग घर वापसी समझ रहे हैं, वे इतिहास से सबक लें। उन्होंने कहा कि हम घर वापसी का स्वागत उसी समय करेंगे, जब मुस्लिमों को पाकिस्तान भेजा जाएगा। मोहम्मद अली जिन्‍ना ने वो घर मुस्लिमों के लिए ही बनाया है और उन्हें वहीं भेजा जाना चाहिए।

अनिल सिंह ने कहा कि यह समय है जब दोनों देशों को हिंदुओं और मुसलमानों की अदलाबदली कर लेनी चाहिए। यही समस्या का हल भी है। उन्होंने कहा कि मुस्लिमों का धर्मांतरण कर हिंदू धर्म में शामिल किया जाएगा तो वे भविष्य में हिंदू महिलाओं से विवाह करेंगे और उससे आनुवांशिक गड़‌बडि़यां पैदा हो जाएंगी।

हालांकि शिवसेना ने कहा है कि अनिल सिंह का बयान पार्टी का बयान न माना जाए। शिवसेना अध्यक्ष उद्घव ठाकरे के मीडिया सलाहकार हर्षलाल प्रधान ने कहा कि ये सेना का औपचारिक रुख नहीं है। वह निजी बयान दे सकते हैं, लेकिन पार्टी की ओर से वही बयान दे सकता है, जिसे उद्घव ठाकरे ने प्रवक्ता नियुक्त किया है।
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