उत्तर प्रदेश में अवैध खनन पर रोक लगाने के हाईकोर्ट के आदेश का पालन नहीं किया जा रहा है। इस पर न्यायालय ने नाराजगी जताते हुए डीएम अलीगढ़ और डीएम बागपत को अवमानना का नोटिस जारी किया है। न्यायालय ने इन अधिकारियों से आदेश का पालन किए जाने का कारण पूछा है। जवाब न देने पर आरोप तय किए जाने की चेतावनी भी दी है। इसी मामले में पूर्व में हाईकोर्ट मुख्य सचिव को भी नोटिस जारी कर चुका है।
सुमित सिंह की अवमानना याचिका पर न्यायमूर्ति विक्रमनाथ ने सुनवाई करते हुए यह आदेश दिया। सुप्रीम कोर्ट ने 27 फरवरी, 2012 और हाईकोर्ट ने एक अकटूबर 2012 को आदेश जारी कर ऐसी सभी खनन गतिविधियों को रोकने का निर्देश दिया था, जिनको पर्यावरण विभाग से अनापत्ति प्रमाणपत्र नहीं प्राप्त है।
हाईकोर्ट ने भी उत्तर प्रदेश में ईट भट्ठों के लिए मिट्टी की खोदाई तथा अन्य प्रकार के खनिजों के लिए पट्टे आवंटित करने पर रोक लगा दी थी। याची के अधिवक्ता अनूप त्रिवेदी का कहना था कि न्यायालय के आदेश के बावजूद कई जिलों में खनन कार्य नहीं रोका गया है। विशेषकर बागपत और अलीगढ़ जिलों में अभी भी खनन कार्य जारी है।
न्यायालय ने इन दोनों जिलों के जिलाधिकारियों को नोटिस जारी करते हुए अपना जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। जवाब न दिए जाने की स्थिति में इन अधिकारियों के खिलाफ अवमानना के आरोप तय किए जाएंगे। अधिकारियों को आदेश के पालन का एक और अवसर दिया गया है।