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बदायूं गैंगरेप: तीनों आरोपियों के परिवारवाले फरार

Wed, 16 Jul 2014 07:28 AM IST
एजेंसी, ब्यूरो/अमर उजाला, बदायूं
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कटरा सआदतगंज कांड के आरोपियों के परिवारवालों से सीबीआई की पूछताछ की संभावना के बीच गांव से फरार हो गए हैं। पप्पू यादव, अवधेश यादव और उर्वेश यादव (तीनों सगे भाई) के परिवार वालों को रविवार तक गांव में ही देखा गया था। सीबीआई के सूत्रों ने दो दिन पहले इशारा किया था कि मामले की तह तक पहुंचने के लिए आरोपियों के परिवारवालों से भी पूछताछ की जाएगी। खबर छपने के बाद मंगलवार को अचानक ये लोग घर छोड़ कर कहीं चले गए। 27 मई को घटना के बाद भी आरोपियों के परिवार वाले कई दिन तक गांव से गायब रहे थे।
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मामले में सीबीआई अब तक आरोपियों और पीड़ित पक्ष से कई दौर की पूछताछ के बाद इनके नार्को, लाई डिटेक्टर और ब्रेन मैपिंग टेस्ट करा चुकी है। अब तक जांच एजेंसी ने आरोपियों के परिवारवालों से पूछताछ नहीं की है। पिछले दिनों जब दोनों लड़कियों के पिता और दो गवाहों के दिल्ली में टेस्ट हो रहे थे, पीड़ित पक्ष की ओर से आरोपियों के परिवारवालों से पूछताछ की मांग की गई थी।

पीड़ित पक्ष ने कहा था कि घटना के बाद मुख्य आरोपी पप्पू यादव गांव में ही रहने वाले अपने चाचा कमलेश यादव के घर पर मिला था। इसलिए परिवारवालों से भी पूछताछ किया जाना जरूरी है।
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गगापार से कुछ लोग उठाए

सूत्रों की मानें तो सीबीआई अब मामले की जांच में बेहद गोपनीयता बरत रही है। मंगलवार को सीबीआई टीम के तीन सदस्य गोपनीय तरीके से गंगा पार बादाम नगला गांव पहुंचे। इसके बाद  टीम पथरामई भी गई।

यहां से जांच एजेंसी कुछ लोगों को पूछताछ के लिए अपने साथ जिला मुख्यालय लायी है। बता दें कि बादाम नगला घटना के मुख्य आरोपी पप्पू यादव का पैतृक गांव है।

कई साल पहले पप्पू यादव के पिता वीरे यादव परिवार समेत कटरा सआदतगंज में आकर बस गए थे। वीरे के अन्य छह भाई पथरामई, कटरा सआदतगंज और खेड़ा जलालपुर में रहने लगे थे।
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चप्पल से सीबीआई को सुराग मिलने की उम्मीद

बदायूं रेप कांड की पीड़ित दोनों बहनों से जुड़े तथ्यों के बारे में परिजनों के बयान से असंतुष्ट सीबीआई को इस मामले में चप्पल से सुराग मिलने की संभावना है। अब तक जांच टीम से छुपाकर रखी गई इस चप्पल को संभवत: घटना के वक्त बड़ी बहन ने पहन रखी थी। सीबीआई ने मिट्टी लगी इस चप्पल को फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिया है।

सीबीआई का कहना है कि इस घटना की कड़ी जोड़ने के लिए वह पीड़ित बहनों की बाल, नाखून, खून, मिट्टी आदि चीजों को सबूत के तौर पर इकट्ठा कर सकती है। सीबीआई सूत्रों ने बताया कि बेहद कड़ाई बरतने के बाद परिजनों ने सीबीआई को यह चप्पल उपलब्ध करवाई। सूत्रों ने कहा कि जांच टीम पीड़ित परिवार के ध्येय पर शक नहीं कर रही है लेकिन वे जांच में पर्याप्त सहयोग नहीं कर रहे हैं।

इससे पहले भी परिवार के सदस्यों ने पीड़ित लड़कियों के मोबाइल फोन सीबीआई को नहीं सौंपे थे। कड़ाई बरतने पर टूटी हुई हालत में जांच एजेंसी को फोन दिए गए। दोनों चचेरी बहनों के पिता सहित परिवार के  सदस्यों से पूछताछ में कई विरोधाभासी बातें समाने आईं जो सीबीआई के लिए जांच को मुश्किल बना रही है।
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