बस्ती के कलवारी थाना क्षेत्र के माझा कला गांव के पास रविवार की सुबह 40 लोगों से भरी नाव घाघरा नदी में डूब गई। उसमें सवार छह लोग धारा में बह गए, जबकि 34 लोगों को डूबने से बचा लिया गया। पुलिस गोताखोरों के जरिए लापता लोगों की तलाश में जुटी है।
नाव में सवार लोग किसानी के काम से नदी के उस पार जा रहे थे। जानकारी के अनुसार, रविवार को दिन में 10 बजे के करीब कल्वारी थाना क्षेत्र के वैष्णवपुर और माझा कला गांव के 40 लोग एक नाव पर सवार होकर धान की कटाई के लिए घाघरा के उस पार अपने खेतों में जा रहे थे।
नाव जैसे ही नदी की बीच धारा में पहुंची पछुआ हवा के झोंके से नाव डगमगाने लगी। इससे घबराकर नाव में सवार कुछ लोगों ने नदी में छलांग लगा दी।
इससे असंतुलित होकर नाव डूबने लगी। इसी बीच सोनू नामक एक नाविक की नजर पड़ी, तो उसने बगैर समय गंवाए अपनी डोंगी (छोटी नाव) लेकर पहुंच गया और उसने एक-एक कर डूब रहे 11 लोगों को अपनी डोंगी में बैठा लिया। डूबती नाव में जिला पंचायत सदस्य रामकुमारी देवी भी सवार थीं।
उन्होंने भी हिम्मत दिखाते हुए चार लोगों को बचा लिया। जबकि 19 लोग नदी को जैसे-तैसे पार कर किनारे पहुंचने में कामयाब हो गए। वहीं नाव में सवार रहे माझा कला निवासी रीता (22), बासमती (36), संजू (16), सुमित्रा (18) और वैष्णवपुर के रामरतन (20) तथा विक्की (22) का पता नहीं चल सका है। संजू और सुमित्रा सगी बहने हैं।
घटना की जानकारी मिलते ही अगल बगल के तमाम गांवों के लोग मौके पर पहुंच गए। नदी के किनारे अलाव जलाकर नदी के पानी से बाहर आए कांप रहे लोगों को राहत पहुंचायी।
घटना की सूचना पाकर मौके पर पहुंचे डीएम अनिल कुमार दमेले, एसपी वीपी श्रीवास्तव, सीएमओ जितेंद्र कुमार, एसडीएम सदर रामप्रसाद, सीओ कलवारी प्रभंसराम, नायब तहसीलदार अखिलेश कुमार सिंह, एसओ कलवारी रोहित प्रसाद, एसओ दुबौलिया जयदीप दुबे सहित पूरा प्रशासनिक अमले ने घटनाक्रम की जानकारी ली और राहत कार्य तेज कराया। हालांकि देर शाम तक इस कार्य में सफलता नहीं मिल पाई थी।